उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुए एक घटना ने पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया था। सरयू नदी पर बने पुल पर मिले एक सुसाइड लेटर, चप्पल और आधार कार्ड के चलते पुलिस और प्रशासन की टीम ने लगभग 6 घंटे तक तलाशी की। लोगों को आशंका थी कि जिस शख्स का लेटर है वह नदी में कूद गया होगा। नदी में भी काफी देर तक छानबीन की गई। आखिर में जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस शख्स को इतनी देर से ढूंढा जा रहा था वह अपने ही घर पर मिला। अब पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, भगलापुर क्षेत्र में सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने पुल की रेलिंग के पास एक ‘सुसाइड नोट’, चप्पल और आधार कार्ड पड़े देखे और इसकी सूचना पुलिस को दी। आधार कार्ड के आधार पर युवक की पहचान मई थानाक्षेत्र के भटौली गांव के 22 वर्षीय अयोध्या राजभर के रूप में हुई। ‘सुसाइड नोट’ मिलने के बाद पुलिस को आशंका हुई कि अयोध्या राजभर ने सरयू नदी में छलांग लगा दी होगी। उसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने नदी और आसपास के इलाके में करीब छह घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।
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मुंबई जाना था, सुसाइड दिखाने का था प्लान
पुलिस ने बताया कि अयोध्या राजभर तीन दिन पहले काम के सिलसिले में मुंबई जाने की बात कहकर घर से निकला था। तलाशी के दौरान परिजनों में अनहोनी की आशंका बनी रही। हालांकि, बाद में सूचना मिली कि अयोध्या राजभर सकुशल अपने घर लौट आया है। पुलिस ने उसके घर पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ में अयोध्या राजभर ने बताया कि वह तनाव के कारण घर छोड़कर चला गया था। उसने गुस्से और हताशा में पुल पर सुसाइड नोट, चप्पल और आधार कार्ड छोड़ दिए थे ताकि लोगों को लगे कि उसने नदी में छलांग लगा दी है लेकिन बाद में उसने अपना इरादा बदल दिया और घर लौट आया।
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मईल के थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि युवक का बयान दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।