पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य का चीफ सेक्रेटरी नियुक्त कर दिया गया है। अब से वह बंगाल के सबसे ताकतवर अधिकारी होंगे। सोमवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में जानकारी दी गई है कि मनोज अग्रवाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का मुख्य सचिव होंगे।
आदेश के मुताबिक, 1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी मनोज अग्रवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विवादित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का नेतृत्व किया था। एसआईआर के दौरान लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे।
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दिल्ली जाएंगे मौजूदा मुख्य सचिव
आदेश में कहा गया है कि मौजूदा मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रमुख स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया गया है। चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव पद से हटाकर 1993 बैच के आईएएस अधिकारी नरियाला को इस पद पर नियुक्त किया था।
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जुलाई में रिटायर होने वाले हैं अग्रवाल
बता दें कि मनोज अग्रवाल इसी साल जुलाई में रिटायर होने वाले हैं। एसआईआर के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने उनकी जमकर आलोचना की थी। चुनाव में टीएमसी ने आरोप लगाया कि मनोज अग्रवाल बीजेपी के पक्ष में काम कर रहे हैं और उसे फायदा पहुंचा रहे हैं।
बीजेपी ने दिया नियुक्ति पर रिएक्शन
एक्स पर बीजेपी ने एक पोस्ट में कहा, 'ममता बनर्जी के उलट, जिन्होंने IAS के नियमों को खुलेआम तोड़कर दर्जनों अधिकारियों को हटाकर ब्यूरोक्रेसी को बर्बाद कर दिया था, पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने देश के कानून की इज्जत बनाए रखने के अपने वादे के मुताबिक, राज्य में काम कर रहे सबसे सीनियर IAS अधिकारी मनोज अग्रवाल को पश्चिम बंगाल का चीफ सेक्रेटरी बनाया है।'
भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई है। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त दी। बीजेपी को 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 207 सीट पर जीत मिली जबकि टीएमसी 80 सीट पर सिमट गई।