बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) मुखिया और पूर्व सीएम मायावती ने कांग्रेस और सपा पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें दलित विरोधी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि कांग्रेस ने कभी भी बाबा साहेब अंबेडकर और कांशीराम का दिल से सम्मान नहीं किया।
मायावती के मुताबिक, कांग्रेस के इसी गलत रवैये के कारण कांशीराम को मजबूर होकर बीएसपी जैसा अलग दल बनाना पड़ा था। उन्होंने साफ किया कि जो पार्टियां आज कांशीराम के नाम पर राजनीति का दिखावा कर रही हैं, उन्होंने उनके निधन के समय शोक तक नहीं जताया था।
मायावती ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि जब कांशीराम का देहांत हुआ था। तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उस समय कांग्रेस ने उनके सम्मान में एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित करना जरूरी नहीं समझा। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी को भी घेरे में लिया और कहा कि उस वक्त यूपी में सपा सरकार ने भी राजकीय शोक का ऐलान नहीं किया था। इससे साफ पता चलता है कि इन पार्टियों के मन में दलितों के प्रति कितनी नफरत भरी है।
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बीएसपी को कमजोर करने के लिए रची जा रही साजिश
मायावती ने उन छोटे संगठनों और नेताओं को भी चेतावनी दी, जो कांशीराम के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग दूसरी पार्टियों के हाथों में खेल रहे हैं और उनका एकमात्र मकसद बीएसपी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाना है। मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को सलाह दी है कि वे ऐसे लोगों के बहकावे में बिल्कुल न आएं, क्योंकि ये लोग सिर्फ दलितों को गुमराह करने के लिए किस्म-किस्म के हथकंडे अपना रहे हैं।
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15 मार्च को पूरे देश में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
15 मार्च 2026 को कांशीराम के जन्म दिवस पर पूर्व सीएम मायावती बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने यूपी समेत पूरे देश के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस जयंती के सभी कार्यक्रमों को पूरी तरह कामयाब बनाएं। मायावती ने जोर दिया कि बीएसपी ही वह अकेली पार्टी है जो कांशीराम के सपनों को पूरा करने के लिए दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की लड़ाई जमीन पर लड़ रही है।