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प्रॉक्सी सर्वर, रिमोट एक्सेस, मैसेजिंग, SSC MTS में कैसे खुला नकल राज?

देहरादून में SSC MTS परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल रैकेट का खुलासा हुआ है। मेरठ और उत्तराखंड एसटीएफ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो ‘मास्टर कंप्यूटर’ और प्रॉक्सी सर्वर के जरिए रिमोट एक्सेस से नकल करा रहे थे।

Hi-tech cheating in SSC MTS exam

SSC MTS परीक्षा में हाईटेक नकल । Photo Credit : X/ SachinGuptaUP

उत्तराखंड में चल रही SSC MTS भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। मेरठ एसटीएफ और उत्तराखंड एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से कंप्यूटर हैकिंग और प्रॉक्सी सर्वर के जरिए अभ्यर्थियों को नकल करा रहे थे।

 

देहरादून के  उत्तराखंड में 4 फरवरी से आयोजित हो रही SSC MTS परीक्षा में नकल कराने के आरोप में दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मेरठ एसटीएफ और उत्तराखंड यूनिट ने संयुक्त रूप से की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतिकश कुमार पुत्र चंद्रभान (निवासी सुरजीपुर, पोस्ट भाटपाररानी, देवरिया, उत्तर प्रदेश) और भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चंद्र नैथानी (निवासी सरस्वतीपुरम, देहरादून) के रूप में हुई है।

रिमोट एक्सेस द्वारा अभ्यर्थियों तक पहुंचाए जा रहे थे उत्तर

एसटीएफ के अनुसार, दोनों आरोपी देहरादून स्थित परीक्षा केंद्र 'महादेव डिजिटल जोन' पर एड्यूक्विटी कंपनी द्वारा संचालित SSC MTS परीक्षा में ‘मास्टर कंप्यूटर’ स्थापित कर हाईटेक तरीके से नकल करा रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) के जरिए प्रॉक्सी सर्वर सेटअप किया था और रिमोट एक्सेस तकनीक के माध्यम से अभ्यर्थियों के सिस्टम तक पहुंच बनाकर उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे।

छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी माध्यम से धांधली कराने में सक्रिय है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कितने अभ्यर्थियों को इस अवैध तरीके से लाभ पहुंचाया गया है। 


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