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बिहार में नाबालिग लड़कियों का हो रहा था देह व्यापार, UPI से लेते थे पेमेंट

बिहार में नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार कराया जाता था। पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर मुक्त कराया। इस सेक्स रैकेट में QR Code कोड के जरिए पेंमट कराया जाता था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, photo creadit- gemini

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बिहार के जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर देह व्यापार करवाया जाता था। पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर उन्हें मुक्त कराया। इस सेक्स रैकेट में पेटीएम क्यूआर कोड और डिजिटल पेमेंट के जरिए ग्राहकों से पैसे लिए जाते थे।

 

इस धंधे में ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट लिया जाता था। पुलिस के सामने इस गिरोह का तब पर्दाफाश हुआ जब एक गुमशुदा लड़की की तलाश की जा रही थी। दरअसल, 16 साल की एक लड़की अचानक से गायब हो गई थी। जिसके बाद परिवार वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की 7 महीने से देह व्यापार के जाल में फंसी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे मुक्त कराया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार ये लड़कियां घर से भागी हुई थीं, जिन्हें प्यार के झांसे में फंसाया गया। फिर बहला-फुसलाकर घर में काम दिलाने के बहाने लाकर देह व्यापार में धकेल दिया जाता था।

 

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पुलिस की छापेमारी 

पुलिस के मुताबिक नवादा शहर में यह अपराध अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस ने उस घर में छापेमारी की, जहां दो नाबालिग लड़कियों को बचाया गया। उसी दौरान दो ग्राहक और दो दलालों को गिरफ्तार किया गया।

 

एसडीपीओ हुलास कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 29 जनवरी की रात में सूचना मिली थी कि नवीनगर में श्रवण यादव के मकान में कुछ लोग नाबालिग लड़की से अवैध देह व्यापार का कारोबार करा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ  हुलास कुमार ने एक टीम बनाई। इस टीम में नगर थानाध्यक्ष के साथ अन्य पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मी शामिल थीं।

 

छापेमारी के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि वहां अवैध देह व्यापार चल रहा था और चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए देह व्यापार में धकेली गई दो नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। देह व्यापार के बदले ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट कराई जाती थी। एसडीपीओ हुलास कुमार ने बताया कि यह धंधा करीब 1 महीने से चल रहा था। पुलिस को छापेमारी के दौरान पता चला कि यहां प्रोफेशनल तरीके से काम किया जा रहा था। ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट (पेटीएम क्यूआर कोड के जरिए) करते थे। पुलिस को मकान से 10,820 रुपये नगद बरामद हुए।

 

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कौन है धंधे का मास्टरमाइंड?

पुलिस ने इस मामले में कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से दो रौशन कुमार (उर्फ लंगड़ा) और गुलशन कुमार हैं। गुलशन ग्राहकों को फंसाकर लाता था और रौशन लड़कियों से यह गलत काम करवाता था। पुलिस ने दो ग्राहकों तनु कुमार और प्रियांशु कुमार को भी मौके पर गिरफ्तार किया है। जब पुलिस ने इन चारों से थाने में पूछताछ की, तो उन्होंने मान लिया कि वे देह व्यापार का धंधा कर रहे थे। पुलिस ने इन चारों को जेल भेज दिया है। इस मामले में 'संजय' नाम का व्यक्ति मुख्य सरगना बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।


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