वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट से विधायक अभय सिंह को बड़ी राहत मिली है। 2002 में टकसाल सिनेमा पर हुई फायरिंग मामले में अदालत ने विधायक अभय सिंह समेत सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया है। फैसले के बाद अभय सिंह ने अदालत का आभार व्यक्त किया।
विधायक अभय सिंह ने कहा, 'धनंजय सिंह ने तत्कालीन प्रशासन से मिलकर हमारे ऊपर यह दाग लगाया गया था। उस वक्त निर्दलीय विधायक थे और सरकार को समर्थन दे रखा था। उन्होंने सरकार और प्रशासन का दुरुपयोग किया था। अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी घटना में हमें मुलजिम बना दिया था।'
न्यायालय पर पूरा भरोसा था: विनीत सिंह
एमएलसी विनीत सिंह ने कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा था। यह न्याय की जीत है। गलत तरीके से मेरा नाम डाला गया था। वहीं विधायक अभय सिंह ने धनंजय सिंह पर आरोप लगाया कि उसके अंदर हमको लेकर राजनीतिक कुंठा थी। उसने इसी कुंडा में एक पंथ दो काज... यानी फंसा के बंद करा दो और सुरक्षा ले लो।
धनंजय सिंह पर बरसे विधायक अभय सिंह
अभय सिंह ने आगे कहा, 'इसके (धनंजय सिंह) अपराधों की एक लंबी श्रंखला है। इसने इतने अपराध किए हैं कि अभी एक इटावा में की। यह कानून पर विश्वास करने वाला व्यक्ति ही नहीं है। इसने तो इटावा में सिपाही की भी हत्या की। अगर आज भी सीबीआई जांच हो जाए तो ये मुलजिम बन जाए। यह घनघोर अपराधी है और बहुत घृणित कार्य करने वाला अपराधी है।' वहीं अदालत फैसले के बाद बाहुबली धनंजय सिंह ने आगे अपील करने की बात कही है।
यह भी पढ़ें: अमरावती: नाबालिग लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाया, प्रशासन ने ढहाया अयान का घर
क्या है टकसाल सिनेमा फायरिंग केस?
24 साल पहले 2 अक्टूबर 2002 को टकसाल सिनेमा हॉल फायरिंग केस हुआ था। बाहुबली धनंजय सिंह वाराणसी से जौनपुर अपने साथियों के साथ जा रहे थे। टकसाल सिनेमा के पास पहुंचने पर अभय सिंह ने अपने साथियों के साथ उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर, ड्राइवर और अन्य को चोट आई थी। बाद में धनंजय सिंह की शिकायत पर अभय सिंह, विनीत सिंह, संजय सिंह, संदीप सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के वक्त धनंजय सिंह जौनपुर की रारी विधानसभा सीट से विधायक थे।