ओडिशा राज्य के भुवनेश्वर में एक जीआरपी कांस्टेबल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। यह घटना बलियांता थाना क्षेत्र में रामचंदरपुर पुल के पास हुई। कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन अपने दोस्त ओम प्रकाश राउत के साथ बाइक पर जा रहे थे तभी उनकी टक्कर दो महिलाओं की स्कूटी से हो गई। टक्कर के बाद महिलाओं ने आरोप लगाया कि सौम्य और उनके दोस्त ने उनके साथ छेड़छाड़ और बदतमीजी की है, जिससे वहां मौजूद स्थानीय लोग हिंसक हो गए।
बिंघरपुर के पास महिलाओं की चीख सुनकर भीड़ इकट्ठा हुई और उन्होंने सौम्य और उनके दोस्त को पकड़ लिया। भीड़ ने सबसे पहले उनकी मोटरसाइकिल की चाबी छीन ली और फिर भागने से रोकने के लिए दोनों को बिजली के एक खंभे से बांध दिया। इसके बाद लोगों ने लाठी-डंडों, लात और घूंसों से उन पर हमला शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखा कि जब दोनों अधमरी हालत में थे तब भी भीड़ उनको लगातार मारती रही।
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डीसीपी जगमोहन मीणा का बयान
डीसीपी जगमोहन मीणा ने बताया कि पुलिस को सुबह 11:02 बजे पीसीआर कॉल की गई और टीम मौके पर पहुंच गई थी। डीसीपी के मुताबिक, जब पुलिस टीम उन्हें भीड़ से बचा रही थी, तब घायल सौम्य रंजन ने बचाव दल के एक सदस्य को दांत से काट लिया था। पुलिस ने किसी तरह दोनों को छुड़ाकर कैपिटल अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने सौम्य रंजन स्वैन को मृत घोषित कर दिया। उनके दोस्त ओम प्रकाश राउत का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
परिवार का आरोप
इस घटना के बाद मृतक की मां कविता स्वैन ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब भीड़ उनके बेटे को बेरहमी से मार रही थी तब पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन उन्होंने उसे बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया और सिर्फ देखते रहे। मां ने इस हमले को एक सोची-समझी साजिश बताया है।
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अब तक की गिरफ्तारियां
पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर उन महिलाओं की शिकायत पर है जिन्होंने कांस्टेबल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। दूसरी एफआईआर कांस्टेबल के परिवार की शिकायत पर भीड़ के खिलाफ हत्या के जुर्म में दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।