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शादी हुई ससुराल गई, नहीं भूल पाई पुराना प्यार; पंचायत ने कराई राधा-चंदन की शादी

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक शादीशुदा प्रेमिका ने अपने प्रेमी के लिए ससुराल छोड़ दिया। बाद में पंचायत ने महिला की उसके प्रेमी से शादी करवा दी।

Muzaffarpur love story

प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo Credit- Chatgpt

संजय सिंह, पटना। मुजफ्फरपुर में एक प्रेम कहानी इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। यह कहानी सिर्फ दो प्रेमियों के मिलन की नहीं, बल्कि समाज की बदलती सोच और रिश्तों को समझने की संवेदनशीलता की भी मिसाल बन गई है। तीन साल पहले परिवार की मर्जी से हुई शादी के बावजूद एक युवती अपने पुराने प्रेम को भुला नहीं सकी। आखिरकार पंचायत ने भी दोनों की भावनाओं को समझा और गांव के मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से उनकी शादी करा दी।

 

पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। बरियारपुर निवासी चंदन और नरसंडा गांव की रहने वाली राधा लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों का रिश्ता इतना गहरा था कि वे एक-दूसरे के बिना जिंदगी की कल्पना नहीं कर पा रहे थे। हालांकि परिवार वालों को इस प्रेम संबंध की जानकारी नहीं थी। समाज और घरवालों के डर से दोनों चोरी-छिपे मिला करते थे।

 

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डेढ़ साल पहले छोड़ चुकी थी ससुराल 

इसी बीच करीब तीन साल पहले राधा की शादी परिवार ने किसी दूसरे युवक से कर दी। शादी के बाद भी राधा अपने नए रिश्ते में खुद को ढाल नहीं सकी। उसके मन में चंदन की यादें लगातार बनी रहीं। बताया जाता है कि वह अक्सर उदास रहती थी और ससुराल में भी खुश नहीं रह पाती थी। धीरे-धीरे रिश्ते में दूरी बढ़ती गई और करीब डेढ़ साल पहले वह ससुराल छोड़कर मायके लौट आई।

वर्षों से दबा प्रेम सबके सामने आया

गुरुवार को इस कहानी ने अचानक नया मोड़ ले लिया। राधा और चंदन एक स्थानीय होटल में बैठकर नाश्ता करते हुए बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान राधा के परिजनों की नजर दोनों पर पड़ गई। दोनों को साथ देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। पहले तो नाराजगी हुई, लेकिन जब दोनों से सच्चाई पूछी गई तो वर्षों से दबा प्रेम सबके सामने आ गया।

 

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पंचायत ने दी दोनों के रिश्तों को मंजूरी 

मामला गांव की पंचायत तक पहुंचा। आमतौर पर ऐसे मामलों में विवाद और तनाव की स्थिति बन जाती है, लेकिन यहां तस्वीर अलग थी। पंचायत में घंटों तक बातचीत हुई। पंचों ने दोनों परिवारों की बातें सुनीं और फिर राधा व चंदन की भावनाओं को समझने की कोशिश की। जब सबको यह एहसास हुआ कि दोनों एक-दूसरे से सच्चा प्रेम करते हैं और साथ रहना चाहते हैं, तो माहौल बदल गया।

मंदिर परिसर में शादी और खुशी का माहौल

आखिरकार पंचायत ने बड़ा फैसला लेते हुए दोनों के रिश्ते को मंजूरी दे दी। इसके बाद कांटी स्थित मां जानकी मंदिर में शादी कराने का निर्णय लिया गया। गांव के सैकड़ों लोगों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में चंदन ने राधा की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी बना लिया। मंदिर परिसर में शादी के दौरान उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया और उनके नए जीवन की खुशहाली की कामना की।

 

इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। लोग इसे सच्चे प्रेम की जीत बता रहे हैं। गांव के कई बुजुर्गों का कहना है कि पंचायत ने समझदारी दिखाते हुए ऐसा फैसला लिया, जिससे किसी तरह का सामाजिक विवाद खड़ा नहीं हुआ और दो लोगों को उनकी पसंद का जीवनसाथी मिल गया।

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