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'हम तुम्हारे बाप के समय के हैं', विधानसभा में तेजस्वी पर भड़के नीतीश कुमार

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान तेजस्वी-नीतीश में तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। ऐसा क्यों हुआ है, पढ़िए खबर।

Debate in the Bihar Legislative Assembly

Nitish Kumar Photo Credit Social Media

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बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन उस वक्त गरमा गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली है। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव के बार‑बार हस्तक्षेप से नाराज मुख्यमंत्री ने उन्हें 'बच्चा' कहकर फटकार भी लगाई है और बैठने को भी कहा है। नीतीश कुमार की इस टिप्पणी ने न सिर्फ सदन का माहौल गर्म कर दिया है बल्कि बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच पुरानी तल्खी को सामने ला दिया है।

 

मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव को संबोधित करते हुए कहा, 'अरे बैठो, तुम बच्चा न है जी। हम तुम्हारे बाप के समय के हैं, हम तुमको मानते हैं, तुमको बनाए हैं।' इस बयान के बाद विपक्षी विधायकों ने आपत्ति जताई है। यह नोकझोंक ऐसे समय पर हुई है जब बिहार सरकार अपने विकास कार्यों और आगामी योजनाओं को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है, जबकि विपक्ष सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगा रहा है।

सदन में लोकतंत्र बनाम सुशासन की जंग, ‘बच्चा’ टिप्पणी से गरमाई बहस

बहस के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि सदन में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी विधायक सुनील कुमार पिंटू का जिक्र करते हुए इशारों में कहा कि 'दो बार आपको मुख्यमंत्री बनाने में हमारी भूमिका रही है, याद है ना?' इस टिप्पणी को नीतीश कुमार ने मुस्कुराते हुए टाल दिया, लेकिन तुरंत पलटवार करते हुए तेजस्वी को फिर 'बैठो न बच्चा' कहकर चुप रहने की सलाह दी है।

 

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नीतीश कुमार ने विपक्ष पर विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने 2005 से पहले के बिहार की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में अपराध चरम पर था और लोग शाम ढलते ही घर से निकलने से डरते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनकी सरकार ने कानून का राज स्थापित किया और बिहार को अराजकता के दौर से बाहर निकाला है। इस दौरान सदन में कई बार शोरगुल हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपनी बात जारी रखी है।

 

मेडिकल कॉलेजों के विस्तार को नितीश कुमार ने सबूत बताया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सड़क जैसे बुनियादी क्षेत्रों में हुए बदलावों को गिनाया है। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब 12 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 27 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को 5,400 बेड वाला आधुनिक संस्थान बनाने की योजना पर काम चल रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में औसतन 11,600 मरीजों का इलाज होने का दावा भी उन्होंने किया है।

 

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रोजगार के मुद्दा पर क्या बोल गए नीतीश 

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने एक करोड़ नौकरियों के लक्ष्य का जिक्र किया है और महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर दो लाख रुपये तक किया गया है।  सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, कृषि को प्राथमिकता और केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। नीतीश कुमार ने 'सात निश्चय 3.0' का हवाला देते हुए कहा कि 2025 से 2030 के बीच बिहार में विकास की रफ्तार में तेजी आने की बात भी कही है।


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