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जंग की आहट! LoC पर बंकरों में सामान लेकर क्यों जाने लगे कश्मीरवासी?

सालों तक शांत रहने के आदी हो चुके सीमा के पास रहने वाले ग्रामीण अब जंग की संभावना के लिए तैयार हैं और अपने बंकरों में शिफ्ट होने लगे हैं।

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बंकर में जाता हुआ शख्स। Photo Credit (@ANI)

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भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा एलओसी के पास रहने वाले ग्रामीण अपनी हिफाजत के लिए अंडरग्राउंड बंकर तैयार कर रहे हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के ऊपर कड़ाई करनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान के सैन्य चौकियों के पास वाले इलाकों सलोत्री और करमारहा में रहने वाले लोग एहतियातन अपने बंकरों को खाली कर रहे हैं और उनमें जरूरी सामान भर रहे हैं।

 

सालों तक शांत रहने के आदी हो चुके सीमा के पास रहने वाले ग्रामीण अब जंग की संभावना के लिए तैयार हैं। साथ ही लोग भूमिगत बंकरों को साफ करने के साथ कंटीले तारों के पास मौजूद अपने खेतों में लगी फसलों की कटाई कर रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी से निवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने पिछले कुछ सालों में हजारों भूमिगत सुरक्षित कंबर बनाए हैं।

 

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संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं कम हुई थीं

 

अधिकारियों ने कहा कि हालांकि 2021 के बाद से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं कम हुई हैं। 2021 में दोनों देशों ने संघर्ष विराम समझौते को फिर से समझौता किया था लेकिन पहलगाम आतंकी हमलों के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गई हैं।

 

 

'कोई नहीं जानता कि आगे क्या होगा'

 

आर एस पुरा सेक्टर के त्रेवा गांव की पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'कोई नहीं जानता कि आगे क्या होगा। हमने भूमिगत बंकर तैयार करने का फैसला किया है, ताकि सीमा पार से गोलीबारी की स्थिति में हम खुद को बचा सकें।' भारत पाकिस्तान के साथ 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जिसमें से 221 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा और 744 किलोमीटर नियंत्रण रेखा जम्मू-कश्मीर में आती है।

 

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नए सिरे से संघर्ष विराम लागू

 

भारत और पाकिस्तान ने 25 फरवरी, 2021 को जम्मू-कश्मीर की सीमाओं पर नए सिरे से संघर्ष विराम लागू करने की घोषणा की थी, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आई थी। भारत और पाकिस्तान ने शुरू में 2003 में एक संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इस समझौते का उल्लंघन किया।

दक्षिण कश्मीर में पहलगाम के पास लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर सैलानी थे। इस हमले के बाद देशभर में गुस्सा फैल गया है।


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