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राजस्थान में भागकर की शादी, पिता ने जिंदा बेटी की कर दी 'तेरहवीं'

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक शख्स ने अपनी मर्जी के खिलाफ शादी करने वाली अपनी बेटी से इतना व्यथित हुआ कि उसने बेटी के जिंदा रहते हुए अंतिम संस्कार के भोज का आयोजन कर दिया।

Bhilwara district

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक शख्स ने अपनी मर्जी के खिलाफ शादी करने वाली अपनी बेटी से इतना व्यथित हुआ कि उसने बेटी के जिंदा रहते हुए अंतिम संस्कार के भोज का आयोजन कर दिया। शख्स ने बकायदा अपनी जिंदा बेटी के लिए शोक संदेश छपवाया और परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी करने के बाद लोगों को अंतिम संस्कार का खाना खिलाया। यह जानकारी पुलिस ने रविवार को दी।

 

यह घटना भीलवाड़ा के आसींद उपखंड के सरेरी गांव की है। यहां, भैरूलाल जोशी ने अपनी बेटी पूजा जोशी की शादी उसी गांव के निवासी संजय तिवारी के साथ तय की थी। रिश्तेदारों के मुताबिक, यह शादी इसी साल अप्रैल में हुई थी और इसमें लाखों रुपये खर्च हुए थे।

 

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बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई 

हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार ने बताया कि भैरूलाल जोशी ने 30 जुलाई को अपनी बेटी पूजा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी 29 जुलाई को भीलवाड़ा के माणिक्य लाल वर्मा कॉलेज में एमए की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी लेकिन वह इसके बाद घर वापस नहीं लौटी।

सूरज तिवारी से शादी की 

पुलिस ने बताया, 'हमने आस-पास के इलाकों और रिश्तेदारों से पूछताछ की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसका फोन बजता रहा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।' हालांकि, बाद में पुलिस ने भैरूलाल जोशी का बेटी का पता लगा लिया। पुलिस को पता चला कि पूजा ने अपनी मर्ज़ी से अपने होने वाले पति के एक रिश्तेदार सूरज तिवारी से शादी कर ली है।

 

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सुरक्षा को लेकर डर जताया

पुलिस ने आगे बताया, 'हमने परिवार को सूचित किया और उनसे कहा कि जब महिला एसपी कार्यालय में पेश हो, तो उस समय परिवार वहां मौजूद रहे।' 4 अगस्त को पूजा एसपी के सामने पेश हुई और उसने पुष्टि की कि उसने अपनी मर्ज़ी से सूरज से शादी की है। पुलिस ने बताया कि उसने अपने परिवार से अपनी सुरक्षा को लेकर भी डर जताया।

भैरूलाल जोशी ने क्या कहा?

इस घटना के बाद भैरूलाल जोशी ने कहा, 'जब मेरी बेटी पुलिस स्टेशन आई तो उसने हमारे खिलाफ बयान दिए। मुझे बहुत दुख हुआ और मैंने उसे परिवार के लिए मृत मानने का फैसला किया। मैंने उसके नाम पर एक शोक संदेश छपवाया है और घर पर 12 दिनों का शोक मना रहा हूं। 10 अगस्त को मृत्युभोज रखा गया है।' छपे हुए संदेश में उसकी शादी की तारीख का जिक्र है। इसमें कहा गया है कि 29 जुलाई को परिवार के लिए उसका निधन हो गया। स्थानीय ग्रामीण और रिश्तेदार कथित तौर पर शोक समारोह में शामिल हो रहे हैं।

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