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20 साल से फरार था अपराधी, साधु बनकर राजस्थान पुलिस ने पकड़ा

राजस्थान पुलिस ने साधु का भेष बदलकर 20 साल से फरार चल रहे एक खूंखार कातिल को गिरफ्तार किया। उम्रकैद की सजा पाया यह अपराधी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit: AI Generated Image)

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राजस्थान पुलिस ने एक बेहद हैरान कर देने वाले ऑपरेशन में 20 साल से फरार एक हत्यारे को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह मामला किसी फिल्मी कहानी जैसा है, जहां एक हेड कॉन्स्टेबल ने साधु का रूप धारण कर एक ऐसे अपराधी को दबोचा, जो दो दशकों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। पकड़ा गया अपराधी वरुण सिंह, एक शराब कारोबारी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

 

इस घटना की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। राजस्थान के हिंडौन सिटी के रहने वाले वरुण सिंह ने एक शराब कारोबारी नवाब सिंह उर्फ नब्बा सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में अदालत ने अक्टूबर 2006 को वरुण को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वरुण ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन दोनों जगह से उसकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद जब सजा काटने का समय आया तो वरुण फरार हो गया और तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

 

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भेष बदलने में माहिर 

पिछले 20 वर्षों में वरुण ने खुद को पुलिस से बचने के लिए कई तरीके अपनाए। वह लगातार अपना ठिकाना और अपना हुलिया बदलता रहा। पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए जम्मू-कश्मीर, जयपुर, मथुरा और वृंदावन जैसे शहरों में कई बार छापेमारी की, लेकिन वरुण हर बार बच निकलने में कामयाब रहा। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की राशि भी बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।

 

हाल ही में राजस्थान पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' शुरू किया, जिसका उद्देश्य पुराने फरार अपराधियों को पकड़ना था। इस मिशन की जिम्मेदारी हेड कॉन्स्टेबल जोगेंद्र सिंह को दी गई। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि वरुण वृंदावन के इलाके में छिपा हो सकता है। वहां भारी और साधु-संतों की मौजूदगी के कारण किसी को पहचानना बहुत मुश्किल काम था।

 

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साधु बनकर पुलिस ने किया अपराधी का सामना

वरुण को पकड़ने के लिए हेड कॉन्स्टेबल जोगेंद्र सिंह ने एक ठोस योजना बनाई। उन्होंने खुद साधु का भेष धारण किया और वृंदावन पहुंच गए। कई दिनों तक वह वहां कि गलियों, चाय की दुकानों और ढाबों पर एक साधु की तरह घूमते रहे और गुप्त रुप से निगरानी की। उनकी यह कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने वरुण सिंह को पहचान लिया। इसके बाद जोगेंद्र सिंह ने उस धर दबोचा और 20 साल से चल रही इस तलाश को खत्म किया। अब वरुण सिंह को कानून के हवाले कर दिया गया है।

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