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पश्चिम बंगाल: नमाज रुकवाने की झूठी अफवाह फैली, भीड़ ने पुलिस पर बरसाए पत्थर

मस्जिद में लाउडस्पीकर की आवाज कम करने की बात पर आसनसोल में नमाज रुकवाने की झूठी अफवाह फैल गई। इससे गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया जिसके बाद सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।

Asansol Police Post Attack

आसनसोल पुलिस चौकी हमला, Photo Credit: Social Media

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शुक्रवार रात एक बड़ी गलतफहमी और अफवाह के वजह से अचानक भारी तनाव फैल गया। एक मस्जिद में लाउडस्पीकर की आवाज कम कराने पहुंचे पुलिस अधिकारियों को लेकर पूरे इलाके में यह अफवाह फैल गई कि पुलिस जुमे की नमाज रुकवा रही है। इस झूठी बात से भड़की गुस्साई भीड़ ने जहांगीर मोहल्ला पुलिस चौकी पर हमला कर दिया और जमकर पथर फेके गए। जिसके बाद हालात काबू में करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।

 

यह पूरी घटना पश्चिम बंगाल के आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नया मोहल्ला इलाके की है। इसी इलाके में जहांगीर मोहल्ला पुलिस चौकी है। 15 मई 2026 की रात को अचानक इस पूरे इलाके का माहौल गर्म हो गया। देखते ही देखते रात के समय एक हिंसक भीड़ इकट्ठा हुई और उन्होंने सीधे स्थानीय पुलिस चौकी को घेरकर अपना निशाना बना लिया।

 

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विवाद की असली वजह

आसनसोल नॉर्थ के बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के मुताबिक इस पूरे विवाद की शुरुआत एक बहुत साधारण बात से हुई थी। नया मोहल्ला पुलिस चौकी के अधिकारी स्थानीय मस्जिद में गए थे। उन्होंने वहां मस्जिद कमेटी के सदस्यों से सिर्फ यह अपील की थी कि नमाज के समय लाउडस्पीकर की आवाज को थोड़ा कम रखा जाए ताकि आवाज सिर्फ मस्जिद के अंदर ही रहे और बाहर के लोगों को परेशानी न हो।

 

जिस समय पुलिस अधिकारी और मस्जिद कमेटी के लोग इस विषय पर शांति से बैठकर बातचीत कर रहे थे ठीक उसी समय पूरे इलाके में किसी ने यह झूठी अफवाह फैला दी कि पुलिस मस्जिद में घुसकर जुमे की रात की नमाज को रुकवा रही है। इस अफवाह को सुनते ही लोग बिना सच जाने भड़क गए और देखते ही देखते वहां एक बड़ी और गुस्साई भीड़ जमा हो गई।

पुलिस का लाठीचार्ज

जब भरी भीड़ ने पुलिस चौकी और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर अचानक चारों तरफ से पथर फेंकना शुरू कर दिया। यह नजारा देखते ही पुलिसकर्मी पीछे हटने पर मजबूर हो गए और स्थिति बेहद गंभीर हो गई। इसके तुरंत बाद हालात को संभालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय बल के जवान मौके पर पहुंचे। भीड़ को इधर-उधर करने और उपद्रवियों को मौके से खदेड़ने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

पुलिस की जांच

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थिति को दोबारा बिगड़ने से रोकने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षाबलों का फ्लैग मार्च लगातार जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए कई हमलावरों और उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है। 

 

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स्थानीय विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने इस मामले में सीधे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और उनके गुंडों पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर इलाके का माहौल खराब कर रहे हैं और लोगों को भड़का रहे हैं। इसके साथ ही विधायक ने आम लोगों से अपील की है कि सभी लोग आवाज के नियमों का पालन करें और पुलिस से पूछे बिना लाउडस्पीकर या माइक न बजाएं।


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