शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र की राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर पर एक बड़ा आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अपने बेटे को काम दिलवाने के बदले उन्होंने बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक पर कई महिलाओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न (sexual harassment) की शिकायत से क्लीन चिट दे दी थी।
उनका आरोप है कि जब रूपाली चाकणकर आयोग की चेयरपर्सन थीं, तब अनु मलिक को क्लीन चिट दे दी गई थी। इसके बाद चाकणकर के बेटे सोहम चाकणकर को अनु मलिक की प्रोडक्शन कंपनी के फिल्म में काम मिल गया। अंधारे ने पत्रकारों से कहा, 'अनु मलिक को क्लीन चिट मिली। उसके बाद रूपाली चाकणकर के बेटे सोहम को अनु मलिक की फिल्म में काम दिया गया।'
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अनु मलिक का जवाब
अनु मलिक ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कमीशन फॉर वीमेन (NCW) और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग दोनों ने उनकी शिकायतों की जांच की और उन्हें क्लीन चिट दी है।
मलिक ने कहा, 'मैंने किसी को कोई काम नहीं दिया और न ही कोई फेवर किया। किसी को भी कोई रोल नहीं दिया गया, जैसा अंधारे आरोप लगा रही हैं।' हालांकिस रूपाली चाकणकर ने इस मामले में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
अनु मलिक पर पुराने आरोप
2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान अनु मलिक पर कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। गायिका सोना मोहपात्रा समेत कई महिलाओं ने कहा था कि अनु मलिक ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
इन आरोपों के बाद अनु मलिक को टीवी शो ‘इंडियन आइडल’ से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में वह शो में वापस लौटे, जिसका कई लोगों ने विरोध किया था। अनु मलिक हमेशा से इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं और कहते हैं कि जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।
पहले से चल रहा विवाद
यह नया आरोप तब सामने आया जब रूपाली चाकणकर ने कुछ दिन पहले ही महिला आयोग की चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे की वजह थी नाशिक के स्वयंभू ‘गॉडमैन’ अशोक खरात से उनका कथित संबंध। अशोक खरात पर कई महिलाओं का यौन शोषण, बलात्कार और ब्लैकमेलिंग का आरोप है। उन पर SIT जांच कर रही है।
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रूपाली चाकणकर के खरात से फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद काफी आलोचना हुई थी। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि महिला आयोग में प्रभावशाली लोगों की शिकायतों को निष्पक्ष तरीके से हैंडल किया गया या नहीं।