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अब हर सड़क-पुल का अलग टेंडर, सम्राट सरकार ने खत्म किया पैकेज सिस्टम

बिहार में सड़कों और पुलों के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने पुराने पैकेज सिस्टम को खत्म करने का फैसला लिया है।

Samrat Choudhary abolished package system

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, Photo Credit: PTI

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संजय सिंह, पटना: बिहार में विकास कार्यों को ज्यादा पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब सड़क और पुल निर्माण के लिए पैकेज सिस्टम नहीं होगा। अब हर सड़क और पुल के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे काम की गुणवत्ता सुधरेगी और ज्यादा लोगों को काम करने का मौका मिलेगा।

 

ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार, पहले किसी इलाके की कई सड़कों और पुलों को जोड़कर एक बड़ा पैकेज बनाया जाता था और उसी पर टेंडर निकाला जाता था। इस व्यवस्था में बड़ी कंपनियां ही ज्यादा काम ले लेती थीं। छोटे ठेकेदारों को मौका नहीं मिल पाता था और कई बार काम में देरी व खराब गुणवत्ता की शिकायतें भी आती थीं। इसी वजह से सरकार ने यह सिस्टम बदलने का फैसला किया।

 

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विधायकों ने उठाए थे सवाल

विधानसभा और विधान परिषद में भी इस मुद्दे को कई बार उठाया गया था। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि पैकेज सिस्टम में पारदर्शिता कम है और इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि बड़ी कंपनियां काम लेने के बाद लापरवाही करती हैं और स्थानीय स्तर पर निगरानी भी ठीक से नहीं हो पाती। इन शिकायतों के बाद सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया।

रोजगार और निगरानी में होगा फायदा

नई नीति से छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को काम मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, हर परियोजना अलग होने से उसकी निगरानी करना आसान होगा। इससे काम समय पर पूरा होने और गुणवत्ता बेहतर रहने की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस व्यवस्था को सफल बनाने के लिए मजबूत निगरानी और साफ नियम जरूरी होंगे। तभी यह बदलाव जमीन पर सही तरीके से लागू हो पाएगा।


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