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बेंगलुरु में बारिश से अस्पताल की दीवार ढही, 7 की मौत; मौके पर पहुंचे CM

सीएम सिद्धारमैया ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जान गंवाने वाले लोग बहुत गरीब थे। सीएम ने घटना की जांच का आदेश भी दिया है।

Bengaluru News

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस। (Photo Credit: PTI)

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार को बड़ा हादसा हुआ है। बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल की चारदीवारी गिरने से दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक सात अन्य लोग घायल हैं। भारी बारिश के कारण अस्पताल की चारदीवारी ढही है।

 

सीएम सिद्धारमैया ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के मुख्य आयुक्त एम महेश्वर राव और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जीबीए के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उधर, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी घटनास्थल का दौरा किया और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया करवाने का निर्देश दिया।

 

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पुलिस के मुताबिक बुधवार शाम को बेंगलुरु में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। लोगों ने ओलावृष्टि से बचने की खातिर चारदीवारी के किनारे शरण ले रखी थी। इसी दौरान अचानक दीवार ढह गई। मलबे में दबने से सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मशीन की मदद से पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों ने घायलों और मृतकों को मलबे से बाहर निकाला।

 

सीएम सिद्धारमैया ने बताया, 'सात लोगों की मौत हो गई है। इनमें से दो बच्चे हैं। सात लोग घायल हैं। वे सभी स्थिर हैं। वे सभी खतरे से बाहर हैं। मैंने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि उनका इलाज मुफ्त में किया जाए।'

 

सीएम ने आगे बताया कि चारदीवारी के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार चारदीवारी के सहारे मिट्टी डाल रहा था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि दीवार उसी दबाव के कारण गिरी है। मैंने अधिशासी अभियंता और सहायक अधिशासी अभियंता से पूछा है कि क्या उन्होंने यह जांचा था कि दीवार कमजोर हुई है या नहीं।

 

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मृतकों में दो लोग केरल के

डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, 'इस घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं। कई पेड़ गिर गए हैं और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मैं अधिकारियों को निर्देश दूंगा कि वे कमजोर पेड़ों को काट दें, क्योंकि मॉनसून के दौरान ऐसी त्रासदियों के दोबारा होने का खतरा बना रहता है।' उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों में दो लोग केरल के हैं। वहीं केरल के दो अन्य लोग घायल हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों को जल्द ही केरल भेजा जाएगा। यह सभी लोग एक संस्था के साथ मिलकर पौस्टिक आहार को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे थे। 

 

 

 

 


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