उत्तर प्रदेश विधानसभा में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। उनका कहना है कि प्रदेश में 16 साल के किशोरों को जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों को सख्त बनाने की तैयारी है। साथ ही प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं रोकने की खातिर खाम इंतजाम किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों ने 50 सीसी के वाहन बनाना बंद कर दिए हैं। इस वजह से 16 साल के किशोरों को लाइसेंस नहीं मिलता है। मगर आज के दौर में इलेक्ट्रिक बाइक आ गई हैं। इन्हीं बाइकों के बाजार में आने के बाद किशोरों को लाइसेंस जारी करना शुरू किया जा सकता है। नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1500 वॉट तक के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 16 साल के बच्चों के लाइसेंस बन पाएंगे।
यह भी पढ़ें: ओडिशा में जुंओं ने खा डाला लड़की का सिर, सड़न के बाद गंवाई जान
लाइसेंस रिन्यूअल कैसे होगा?
ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियमों के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर लाइसेंस रिन्यूअल किया जाएगा। पहले 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को अपने लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ता था।
इस नियम में बदलाव से बड़ी संख्या में लोगों को लाइसेंस रिन्यूअल की प्रक्रिया में राहत मिल पाएगी। अब 75 साल के लोगों के लिए ड्राइविंग टेस्ट से जुड़े नए नियम लागू किए जाएंगे। इन नियमों के मुताबिक 75 साल की आयु पूरी होने पर ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य हो जाएगा।
यह भी पढ़ें: भारत में रह रही बहन ने बांग्लादेशी भाई को डोनेट कर दी किडनी
परिवहन मंत्री ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि '16 साल की उम्र वाले बच्चों को माता-पिता गाड़ी दे ही देते हैं तो उनके पास लाइसेंस भी होना चाहिए। अब 50 सीसी वाले वाहन भले ही निर्मित नहीं हो रहे हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में आ गए हैं और बच्चे इन्हें चला रहे हैं। ऐसे में 16 से 18 साल की आयु वालों के लिए भी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।'
उन्होंने यह भी कहा कि 'ड्राइविंग लाइसेंस हमारे यहां बड़ी आसानी से बन जाता है, ऐसा नहीं होना चाहिए। अब सही ड्राइवर को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा, जिससे सड़क हादसों पर रोक लगेगी।'