तेलंगाना के खम्मम जिले में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में फूड पॉइजनिंग से कम से कम 38 बच्चे बीमार हो गए। कोनिजेरला मंडल के बोडिया थांडा इलाके के एक स्कूल में यह घटना सामने आई है। बच्चों को स्कूल में मिड-डे-मील स्कीम के तहत खाना दिया जाता है। खाना खाने के थोड़ी देर बाद उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया।
माता-पिता और गांव वालों ने स्टाफ पर अपनी नाराजगी जाहिर की। सब ने मिलकर बच्चों को आनन-फानन में ऑटोरिक्शा, मोटरसाइकिल और एंबुलेंस से खम्मम गवर्नमेंट हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, करीब 10 बच्चों की हालत गंभीर है, लेकिन बाकी बच्चे स्थिर हैं। बच्चे इलाज के बाद तेजी से रिकवर कर रहे हैं। डॉक्टर बच्चों पर नजर रखे हुए हैं और उनकी सेहत सुधर रही है।
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गर्ल्स हॉस्टल में खाना खाने से बीमार पड़ी छात्राएं
तेलंगाना के ही वानापर्थी जिले के कोथाकोटा बीसी गर्ल्स हॉस्टल में खाना खाने के बाद 25 छात्राएं बीमार हो गईं। छात्राओं ने रात में डिनर किया था, कुछ देर बात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हॉस्टल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। यह आशंका जताई जा रही है कि खराब खाना या पानी की वजह से फूड पॉइजनिंग हुई है।
अब कैसी है बच्चों की हालत?
शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी बच्चों की हालत सुधर रही है और कोई खतरा नहीं है। अब जांच शुरू होगी और खाने के सैंपल लेकर टेस्ट किए जाएंगे ताकि पता चले कि ऐसा क्यों हुआ। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में मिड-डे मील से जुड़ी कुछ और घटनाएं भी हुई हैं।
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प्रशासन ने क्या कहा है?
घटना के बाद मंडल रेवेन्यू ऑफिसर (MRO) और अन्य अधिकारी हॉस्पिटल पहुंचे और बच्चों की हालत का जायजा लिया। शाम को व्यारा के विधायक मलोथ रामदास नायक और जिला शिक्षा अधिकारी चैतन्य जेनी भी हॉस्पिटल गए। उन्होंने माता-पिता से बात की और कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज की पूरी मदद मिलेगी। हाल ही में संगारेड्डी जिले में 22 बच्चे बीमार हुए थे, जिसके बाद मानवाधिकार आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं।