महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ किसी भी तरह की मुलाकात से इनकार कर दिया है। सोशल मीडिया पर चल रही 'गुप्त बैठक' की खबरों पर उन्होंने साफ कहा कि ऐसी कोई बैठक नहीं हुई।
अहिल्यानगर में मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, 'हमारे बीच ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके लिए गुप्त रूप से मिलना पड़े। अगर मिलना होगा तो खुलकर मिल सकते हैं। गुप्त चर्चा की कोई जरूरत नहीं है। कोई बैठक नहीं हुई। कुछ लोग सोशल मीडिया पर झूठ फैलाते हैं। जो हैंडल झूठी खबर फैला रहा है, उसे नोटिस भेजा जाएगा।'
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इससे पहले वंचित बहुजन अघाड़ी से जुड़े एक मीडिया प्लेटफॉर्म ने दावा किया था कि बुधवार की आधी रात को मुंबई के मुख्यमंत्री आवास 'वर्षा' में फडणवीस और ठाकरे की मुलाकात हुई थी।
संजय गायकवाड़ पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने शिवसेना के बुलढाणा विधायक संजय गायकवाड़ की भी आलोचना की। गायकवाड़ ने दिवंगत गोविंद पंसारे की पुरानी किताब 'शिवाजी कोण होता' के प्रकाशक के खिलाफ गाली-गलौज की थी।
फडणवीस ने कहा, 'कुछ लोग बिना इतिहास और संदर्भ समझे बकवास करते रहते हैं। विधायक द्वारा इस्तेमाल की गई गाली बिल्कुल अनुचित थी। किताब दशकों पहले लिखी गई थी, अब इसे उछालने की कोई जरूरत नहीं। ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं है। मुझे विश्वास है कि उनकी पार्टी के प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उन्हें उचित चेतावनी देंगे।'
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी पुष्टि की कि विधायक को चेतावनी दी गई है और उन्होंने माफी भी मांग ली है।
धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर जवाब
मुख्यमंत्री फडणवीस ने भोपाल के धीरेंद्र शास्त्री के छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े बयान का भी खंडन किया। शास्त्री ने दावा किया था कि शिवाजी महाराज ने समर्थ रामदास से मिलकर राज्य छोड़ने की इच्छा जताई और अपना मुकुट उतारकर उन्हें सौंप दिया, जिसे रामदास ने वापस उनके सिर पर रख दिया।
फडणवीस ने कहा, 'ऐतिहासिक या साहित्यिक स्रोतों में शिवाजी महाराज और स्वामी समर्थ रामदास के बीच ऐसी कोई घटना का कोई संदर्भ नहीं है। इतिहास अक्सर लोक परंपराओं से निकलता है, जो समय और क्षेत्र के अनुसार बदलता रहता है। रामायण-महाभारत जैसे महाकाव्यों में भी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग कथाएं मिलती हैं, लेकिन दस्तावेजी या शास्त्रीय प्रमाण नहीं है।'
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धीरेंद्र शास्त्री के एक और बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि चार बच्चों में से एक को RSS के काम में लगाना चाहिए, फडणवीस ने कहा कि इसे संदर्भ में समझना चाहिए। उन्होंने बताया, 'उनका मतलब था कि RSS ने हिंदू संस्कृति को बचाने और उसे नई ऊर्जा देने में योगदान दिया है, इसलिए चार बेटों में से एक को उसके काम में शामिल होना चाहिए।'