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तरुण के हत्यारोपी का घर गिराने पहुंची MCD, हाईकोर्ट ने रोक लगा दी; क्‍या होगा?

एमसीडी ने सोमवार को तरुण के एक हत्यारोपी के बन रहे घर पर बुलडोजर चला दिया, जिसपर बाद में हाई कोर्ट ने रोक लगा दी।

Tarun murder case

इलाके में तैनात पुलिस। Photo Credit- PTI

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होली के दिन दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण भूटोलिया ना के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस सिलसिले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी का एक बन रहा मल्टी-स्टोरी घर सोमवार को भारी पुलिस तैनाती के बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) ने गिरा दिया। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित मकान में अवैध निर्माण किया जा रहा था और इसके लिए पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। निगम का दावा है कि इलाके में ऐसे कई अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 

 

हालांकि, एमसीडी और दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई का तरुण की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। इसी को लेकर मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करके एमसीडी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आरोपी के परिवार को एक हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे एमसीडी ट्रिब्यूनल में जाकर अपील कर सकें। जस्टिस अमिल बंसल की एकल पीठ ने आदेश दिया कि अगले 10 दिनों तक किसी भी तरह क कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।

 

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कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा, 'वकीलों को सुनने के बाद, अपील फाइल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाता है। एमसीडी दस दिनों तक प्रॉपर्टी के खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं करेगी।'

 

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पूरा मामला क्या है?

बता दें कि 4 मार्च को होली थी। इसी दिन उत्तम नगर के हस्‍तसाल गांव में एक विवाद के बाद दो पड़ोसी आपस में भिड़ गए। पानी से भरे गुब्बारे के विवाद से शुरू हुआ झगड़े में तरुण भूटोलिया की मौत हो गई थी। इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी परिवार इलाके से गायब हैं, जिससे माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। इधर पुलिस का कहना है कि उन्होंने सिर्फ सुरक्षा के मद्देनजर बल तैनात किया था और एमसीडी की कार्रवाई पूर्व निर्धारित योजना के तहत ही की गई।


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