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वाराणसी कोर्ट के अंदर वकीलों ने पुलिस को पीटा, दरोगा ट्रॉमा सेंटर रेफर

मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। दरोगा पर आरोप है कि उन्होंने एक वकील के साथ बदतमीजी और मारपीट की थी।

Representational Image । Photo Credit: AI Generated

प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: AI Generated

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वाराणसी की कोर्ट में 16 सितंबर को बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश प्रजापति और उनके साथियों की वकीलों ने पिटाई कर दी। इस मामले ने का। घटना दोपहर के समय हुई, जब वकीलों ने दरोगा और कुछ सिपाहियों को घेरकर हमला किया। मारपीट में दरोगा मिथिलेश प्रजापति गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ सिपाही भी चोटिल हुए। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें पिटाई की पूरी स्थिति साफतौर पर दिखाई दे रही है।

 

मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद एक पुराने मामले से जुड़ा है। दरोगा मिथिलेश प्रजापति पर आरोप है कि उन्होंने पहले एक वकील के साथ बदतमीजी और मारपीट की थी। इसी घटना का बदला लेने के लिए वकीलों ने कचहरी परिसर में घात लगाकर हमला किया। दरोगा एक आरोपी को लेकर कचहरी पहुंचे थे, तभी वकीलों ने उन्हें घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी।

 

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अस्पताल में कराया भर्ती

घटना के तुरंत बाद घायल दरोगा को पहले दीनदयाल अस्पताल और फिर बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। मौके पर डीआईजी शिवहरी मीणा और डीएम सत्येंद्र कुमार समेत कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। अधिकारियों ने वकीलों से कचहरी परिसर खाली करने का आग्रह किया और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। बनारस बार और सेंट्रल बार के पदाधिकारियों ने भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

सुरक्षा बढ़ाई, माहौल शांत

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति नियंत्रित हुई, लेकिन कचहरी परिसर में तनाव बना रहा। सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात किया गया। डीआईजी और डीएम ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 

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