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'डर से जानवर पालने बंद कर दिए थे', बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़बंदी पर बोले लोग

बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़बंदी करने के लिए बंगाल सरकार ने BSF को 27 किलोमीटर जमीन सौंप दी है। अब स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए अपनी तकलीफें बताई हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Gemini

पश्चिम बंगाल की नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अपनी पहली ही बैठक में फैसला लिया था कि बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़बंदी करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन सौंपी जाएगी। पहले चरण में इसके लिए कुल 27 किलोमीटर जमीन सौंप भी दी गई है और BSF ने अब इस पर काम शुरू कर दिया है। इसमें से 18 किलोमीटर जमीन पर बाड़ लगाने और 9 किलोमीटर जमीन पर चौकियां बनाने का काम होगा। इस फैसले पर सिलीगुड़ी के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने खुशी जताई है। फांसीदेवा इलाके के लोगों का कहना है कि सीमा पार से कई बार गोली चलती थी और जानवरों की तस्करी होती थी इसलिए गांव के लोगों ने जानवर रखने ही बंद कर दिए।

 

अब जो जमीन बीएसएफ को सौंपी गई है इसमें से 43 एकड़ जमीन खरीदी गई है और 32 एकड़ जमीन पहले से बीएसएफ के पास थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस फैसले से जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी देशविरोधी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी।

 

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बता दें भारत और बांग्लादेश की कुल सीमा 4096 किलोमीटर की है जिसमें से 2217 किलोमीटर सीमा सिर्फ पश्चिम बंगाल में है। इसमें से 1647 किलोमीटर सीमा पर ही बाड़बंदी है, बाकी के लगभग 6 किलोमीटर क्षेत्र में बॉर्डर खुला होने से अवैध घुसपैठ बहुत होती है। बीजेपी लगातार आरोप लगाती रही है कि ममता बनर्जी की सरकार के समय जानबूझकर जमीन नहीं दी गई वरना बहुत पहले ही पूरी सीमा पर बाड़बंदी की जा सकती थी।

बाड़बंदी पर क्या बोले लोग?

सिलीगुड़ी के फांसीदेवा में रहने वाले नारायण साहा ने इस फैसले पर कहा, 'हम इस सरकार को हार्दिक शुभेच्छा देते हैं क्योंकि बॉर्डर एरिया पर रहने वाले हम लोग इतने दिन से परेशानी झेल रहे थे, उससे हमें मुक्ति मिल गई। हम लोग बहुत दिन से इसके लिए सोचे थे लेकिन किसी की वजह से यह हो नहीं पा रहा था। शुभेंदु अधिकारी के आने के साथ-साथ 10 दिन में जो बीएसएफ को फ्री हैंड दे दिया, उससे हम सभी ग्रामवासी एकदम आनंद से भर गए हैं। हमें और कुछ नहीं चाहिए।'

 

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उन्होंने आगे कहा, 'इस गांव में रहकर हमने देखा है कि गोली चली है। बांग्लादेश की ओर से गोली चलाई गई। इसी के चलते हम लोग कितने परेशान थे। सबके घर में जानवर थे लेकिन अब किसी के घर में जानवर नहीं हैं। गांव वाले खुश हैं। सब आनंद से सो रहे हैं और इससे बड़ा कुछ हो नहीं सकता था। हम 200 प्रतिशत धन्यवाद देते हैं।'

 

फांसीदेवा के ही एक और निवासी सौगत मोदक ने कहा, 'यह बहुत खुशी की बात है क्योंकि सरकार ने जो 27 किलोमीटर जमीन बीएसएफ को दी है, उससे हम राहत की सांस ले रहे हैं। पहले हम बहुत असुरक्षा महसूस करते थे क्योंकि पहले कब, क्या हो जाए कुछ पता नहीं होता था। अभी बहुत जगह ऐसा है जहां बाड़बंदी नहीं है। यह खुशी की खबर है कि अब हो जाएगी। यहां जानवरों की बहुत तस्करी हो रही थी। हम लोगों ने बीएसएफ से बहुत बार मांग भी की थी लेकिन कहा गया था कि राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही थी। अब उम्मीद है कि बहुत कुछ बदलेगा।'


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