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AAP के जिस मंत्री के BJP में जाने की लग रही अटकलें, उनकी राजनीति हैसियत क्या है?

पंजाब की राजनीति में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। संजीव अरोड़ा ने बिजनेस से राजनीति में आकर बहुत तेजी से अपना कद बढ़ाया है।

Sanjeev Arora

संजीव अरोड़ा, Photo Credit: @SanjeevArora_PB

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पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा इन दिनों काफी चर्चा में हैं। चर्चा की वजह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बीते दिनों हुई छापेमारी के बाद शुरू हुई सियासी अटकलें हैं। ईडी के रेड के 10 दिन बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने पार्टी में प्रमोशन मिलने के बावजूद पार्टी को छोड़ दिया। AAP में हुई इस टूट के बाद चर्चा है की पार्टी के विधायकों में से भी कुछ बागी हो सकते हैं। ईडी की रेड के बाद संजीव अरोड़ा के पाला बदलने की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। 

 

इन चर्चाओं के बीच संजीब अरोड़ा से एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या वह आने वाले दिनों में बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इसके जवाब में संजीव अरोड़ा ने साफ मना कर दिया कि वह बीजेपी में शामिल नहीं होंगे। संजीव अरोड़ा मौजूदा समय में पंजाब कैबिनेट में मंत्री हैं और अगर वह बीजेपी में शामिल होते हैं तो यह आम आदमी पार्टी के लिए राज्य स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा। हालांकि, अभी उन्होंने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ अपवाहें हैं। इस बीच उनसे जुड़े पुराने विवाद भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं और राजनीतिक जानकार उनके सियासी कद का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहे हैं। 

 

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कौन हैं संजीव अरोड़ा?

संजीव अरोड़ा पंजाब कैबिनेट में मंत्री हैं और वह आम आदमी पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक हैं। उन्होंने तेजी से पार्टी में अपनी जगह बनाई है। राजनीति में आने से पहले वह एक बिजनेसमैन और समाजसेवी थे। पंजाब में सरकार बनने के बाद AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजने का फैसला लिया था। वह लुधियाना के नामी लोगों में शामिल हैं और उन्होंने 160 से ज्यादा कैंसर पीड़ितों का इलाज भी करवाया है। इसके अलावा कोरोना काल में उन्होंने प्रशासन की मदद कर सुर्खियां बटौरी थीं। 2023 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा था और इसके बाद राज्यसभा में उन्होंने पार्टी के अहम नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। 

राज्यसभा से इस्तीफा और फिर मंत्री पद

संजीव अरोड़ा के राजनीतिक सफर में अहम मोड़ तब आया जब पार्टी ने उन्हें दिल्ली से लुधियाना बुलाने का फैसला किया। लगभग तीन साल राज्यसभा में रहने के बाद पार्टी ने उन्हें लुधियाना पश्चिम सीट पर हो रहे उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया। पार्टी ने चुनाव के समय ही घोषणा कर दी थी कि संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाया जाएगा। उनको जीताने के लिए पार्टी ने पूरी मेहनत की और नतीजा करीब 11 हजार वोटों से जीत के रूप में सामने आया।

 

मंत्री पद की शपथ लेते संजीव अरोड़ा

विधायक बनते ही संजीव अरोड़ा को मंत्री भी बना दिया गया। मौजूदा समय में उनके पास उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, निवेश प्रोत्साहन और लॉकल बॉडीज जैसे प्रमुख विभाग हैं। पार्टी में मंत्री बनने के बाद भी उन्हें प्रमोशन मिल चुका है और अब वह तीसरे नंबर के सबसे पावरफुल मंत्री हैं। 

क्यों पड़ी थी ईडी की रेड?

संजीव अरोड़ा भले ही तीसरे नंबर के सबसे पावरफुल नेता हों लेकिन ईडी के सामने वह टिक पाएंगे यह सवाल पंजाब की सियासत में उठ रहा है। कुछ दिन पहले ही संजीव अरोड़ा के कई ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा है। ईडी के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट (FEMA) के तहत हो रही है। जिन जगहों पर छापा पड़ा था उनमें संजीव अरोड़ा के साथ-साथ उनके दोस्त और बेटे के ठिकानों पर भी छापा पड़ा था। संजीव अरोड़ा पर  अवैध सट्टेबाजी करने वालों को सरंक्षण देने और बदले में अपना कट लेने, पैसों की हेराफेरी, मनी लॉन्डिंग के आरोप हैं।

 

 संजीव अरोड़ा 2006 में रियल इस्टेट के कारोबार में हैं और उन्होंने रितेश प्राॅपर्टी एंड इंडस्ट्री लिमिटेड के नाम से कंपनी बनाई। उनकी कंपनी पर कई तरह की गड़बड़ियों जैसे कि पंजाब में अवैध लैंड यूज, शेयर के दाम बढ़ाने के लिए फर्जी बुकिंग, शेयर मार्केट में इनसाइडर ट्रेडिंग, फर्जी तरीके से कमाए पैसों की राउंड ट्रिपिंग और अवैध सबट्टेबाजी करने के आरोप हैं।

 

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सियासी कद

संजीव अरोड़ा पंजाब के बड़े बिजनेसमैन हैं। लुधियाना में उनका दबदबा है और कई बिजनेस परिवार उनके साथ जुड़े हुए हैं। लुधियाना में मशहूर सतलुज क्लब में उनकी अच्छी पकड़ है और इस कल्ब में लुधियाना के कई बड़े परिवार जुड़े हुए हैं। बिजनेसमैन के साथ-साथ संजीव अरोड़ा ने खुद को राजनीति में भी साबित किया है। एक कड़े मुकाबले में उन्होंने जीत हासिल की इसके साथ ही राज्यसभा में भी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। पूरे पंजाब में खासकर लुधियाना में उनकी अच्छी पैठ है। ऐसे में अगर वह पाला बदलते हैं तो पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका हो सकता है। 

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