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क्या था 23 साल पुराना हत्याकांड, जिसमें दोषी साबित हुए अमित जोगी?

अमित जोगी को कोर्ट ने आत्मसमर्पण के लिए 21 दिनों का वक्त दिया है। उन पर रामावातर जग्गी की हत्या के आरोप सच साबित हुए हैं।

Amit Jogi

अमित जोगी। Photo Credit: AmitJogi/FB

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को साल 2003 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है।  हाई कोर्ट ने उन्हें 3 सप्ताह के भीतर कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। 

हाई कोर्ट ने मार्च में ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस केस में कार्यवाही फिर से शुरू की थी। CBI की ओर से पेश हुए अधिवक्ता, वैभव ए गोवर्धन ने कहा, 'चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने यह फैसला सुनाया और आत्मसमर्पण करने का निर्देश जारी किया।'

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कितने साल पुराना है मामला?

NCP नेता रामावतार जग्गी की हत्या, 4 जून 2023 को हुई थी। अजीत जोगी, तब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे। राज्य पुलिस ने ही इस केस की जांच की थी। साल 2003 के विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत हुई तो रमन सिंह मुख्यमंत्री बने। 

रमन सिंह ने इस केस की छानबीन की जिम्मेदारी CBI को सौंप दी। CBI ने अमित जोगी समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। अमित जोगी इस मामले में घिर गए थे, जिसे शुरुआती दौर में राजनीतिक रंजिश से जोड़कर देखा गया था। 

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कैसे आगे बढ़ा केस?

रायपुर की एक अदालत ने 31 मई, 2007 को एक फैसला सुनाया। जांच में यह सामने आया कि 28 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने अमित जोगी को राहत दी, उन्हें अपने खिलाफ लगे आरोपों में बरी कर दिया गया। CBI ने इस फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने देरी के आधार पर 2011 में जांच एजेंसी की याचिका खारिज कर दी थी। 


छत्तीसगढ़ सरकार और मृतक रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी की अलग-अलग याचिका भी खारिज कर दी गई थी। पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा था कि वह CBI की उस याचिका पर फिर से विचार करे, जिसमें अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी।

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कौन थे रामावतार जग्गी?

रामावतार जग्गी, NCP नेता थे। जून 2007 में जोगी और उनके बेटे को इस केस में गिरफ्तार किया गया था। रामावतार जग्गी, NCP कोषाध्यक्ष थे। जून 2003 में उनकी गोली मारकर हत्या हुई थी। इस केस में ही पिता-पुत्र दोनों लोग आरोपी थे। अब अजीत जोगी का निधन हो चुका है।

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अमित जोगी ने अपनी सफाई में क्या कहा?

अमित जोगी:-
आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया। बिना सुनवाई का अवसर दिए। मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है।

अमित जोगी ने कहा, 'अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है। मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा। मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूं। मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूं। सत्य की जीत अवश्य होगी।'

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