बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में ममता को पटकनी देने के बाद यूपी में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी।
कन्नौज सदर विधानसभा की सुरक्षित सीट से पूर्व आईपीएस असीम अरुण ने जीत हासिल की थी। भाजपा ने उन्हें समाज कल्याण विभाग का स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया। इससे पहले छिबरामऊ की विधायक अर्चना पांडे भी भाजपा सरकार में आबकारी मंत्री रह चुकीं।
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कन्नौज जनपद की तीसरी विधानसभा तिर्वा है। यहां से कैलाश राजपूत चौथी बार विधायक बने हैं। यह क्षेत्र लोधी बाहुल्य है। 10 मई को नए मंत्रिमंडल में कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई गई। अखिलेश यादव के क्षेत्र में भाजपा ने दलित व लोधी समाज के दो मंत्री बनाकर वोट बैंक को साधने का काम किया है।
आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के गढ़ में सपा के सामने इन मंत्रियों की चुनौती होगी। क्षेत्र में दोनों ही मंत्री जनप्रिय हैं। भाजपा सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों का भी चुनाव में असर देखने को मिलेगा। पहली बार भाजपा ने जनपद फर्रुखाबाद से अलग हुए जिले कन्नौज की तीन विधानसभाओं में से दो मंत्री बनाए हैं। इसकी चर्चा पूरे प्रदेश में चल रही है।
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अखिलेश का तंज- दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, 'सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है, या यूं कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का कटाव-छंटाव हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है, उनसे भी तो कोई पूछ ले। हमारी मांग है कि यूपी मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए। वैसे ये सवाल भी बुलबुला रहा है कि अगल-बगल की जोड़ी का कुछ भला होगा या फिर वो अगले-बगले ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ रील बनाते रहेंगे।'