कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां नसबंदी ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद 23 साल की एक महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल में भारी हंगामा देखने को मिला और परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक महिला की पहचान नर्मदा के रूप में हुई है, जो चिक्कबल्लापुर जिले के बतलाहल्ली गांव की रहने वाली थी। नर्मदा को 23 अप्रैल को सरकारी मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। अगले दिन उसका ऑपरेशन किया गया लेकिन इसी दौरान उसकी छोटी आंत को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई।
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सर्जरी को दो हफ्ते बाद मौत
आंत को नुकसान पहुंचने की बात सामने आने के बाद अस्पताल में ही एक और सर्जरी की गई और महिला को करीब दो सप्ताह तक निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों ने परिवार को उसकी हालत स्थिर बताकर 7 मई को छुट्टी दे दी लेकिन दो दिन बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
डॉक्टरों पर लगे आरोप
महिला के पति ओबलेश ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने शुरू में केवल इन्फेक्शन होने की बात कही थी। बाद में दूसरे डॉक्टरों से पता चला कि ऑपरेशन के दौरान नर्मदा की छोटी आंत कट गई थी। परिवार का कहना है कि डॉक्टर लगातार यह भरोसा देते रहे कि मरीज की हालत सामान्य है और चिंता की कोई बात नहीं है।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने गंभीर स्थिति को छिपाने की कोशिश की। उनका कहना है कि अगर सही समय पर उचित इलाज और जानकारी दी जाती तो नर्मदा की जान बच सकती थी। महिला की मौत के बाद गांव के लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?
इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टर संतोष ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान आई समस्या का तुरंत इलाज किया गया था और महिला को पूरी तरह ठीक होने के बाद ही डिस्चार्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि मरीज की हालत लगातार निगरानी में थी और डॉक्टरों ने सभी जरूरी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया था। विवाद बढ़ने के बाद अब प्रशासन भी एक्टिव हो गया है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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जांच शुरू
पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती।