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Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन में फिर हुई देरी, अब 22 जून को होगी लॉन्चिंग

भारत सहित दुनियाभर के लिए अहम माना जाने वाला Axiom-4 मिशन कुछ समय के लिए फिर स्थगित हो गया है। जानिए वजह क्या है वजह।

Image of Axiom-4 Space Mission

Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन में शामिल सभी अंतरिक्ष यात्री।(Photo Credit: NASA/X)

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भारत के अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अहम Axiom-4 मिशन एक बार फिर से स्थगित हो गया है। इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। पहले यह मिशन 11 जून 2025 को लॉन्च होना था लेकिन तकनीकी वजहों से इसे अब 22 जून 2025 को किया जाएगा।

 

Axiom Space और NASA द्वारा दी गई जानकारी में यह बताया गया है कि यह फैसला कई जरूरी वजहों के बाद लिया गया। इनमें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के पीछे के हिस्से ‘Zvezda’ मॉड्यूल में हुए हालिया मरम्मत काम के प्रभाव, अंतरिक्ष यान की फिटनेस, मौसम की स्थिति और क्रू की सेहत स्थिति शामिल हैं।

Axiom-4 मिशन में देरी की वजह

ISRO ने पुष्टि की है कि लॉन्च टालने का फैसला SpaceX द्वारा रॉकेट के इंजन में LOX यानी तरल ऑक्सीजन के रिसाव का पता चलने के बाद लिया गया। रिसाव को ठीक करने और सभी परीक्षण पूरे होने के बाद ही लॉन्च की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल इस मिशन में जाने वाला पूरा क्रू मेडिकल और सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए रखने के लिए फ्लोरिडा में क्वारंटीन में है।

 

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केंद्रीय राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी Axiom-4 मिशन पर अपने आधिकारिक X हैंडल पर अपडेट देते हुए बताया कि ‘मॉड्यूल फिटनेस, क्रू हेल्थ, मौसम आदि सहित प्रमुख मापदंडों का आकलन करने के बाद Axiom Space ने संकेत दिया है कि 22 जून 2025 मिशन की अगली संभावित लॉन्च तिथि हो सकती है, जो अन्य लोगों के अलावा भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ले जाएगा।’

Axiom-4 मिशन शुभांशु शुक्ला निभाएंगे अहम भूमिका

इस मिशन की खास बात यह है कि इसमें भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला बतौर पायलट शामिल हैं। यह भारत समर्थित पहला अंतरराष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष मिशन है। शुभांशु के साथ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के पोलैंड के स्लावोश उज़नांस्की और हंगरी के टिबोर कापू भी इस मिशन का हिस्सा हैं। मिशन की कमान NASA की अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन के पास है।

 

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शुभांशु ने कहा था कि, ‘यह मिशन सिर्फ मेरे बारे में नहीं है। मेरा सपना है कि भारत के बच्चों में अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा जागे। अगर इस मिशन की कहानी से किसी एक बच्चे की जिंदगी बदल जाए, तो यही मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी।’

Axiom-4 मिशन क्या है?

Axiom-4 मिशन की कुल अवधि 14 दिन है। इस दौरान कुल 60 वैज्ञानिक टेस्ट किए जाएंगे, जो 31 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह Axiom कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा रिसर्च-बेस्ड मिशन होगा। इस मिशन का मकसद मइक्रोग्रैविटी के प्रभाव की जांच करना, बायोलॉजिकल और  मटेरियल साइंस, Earth Observation और जलवायु परिवर्तन पर स्टडी करना है।


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