logo

मूड

ट्रेंडिंग:

एलन मस्क को टक्कर देने आ गया है Jeff Bezos का न्यू ग्लेन रॉकेट

ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन मिशन एलन मस्क के स्पेस एक्स को कड़ी टक्कर दे सकता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें।

Image of Blue Origin New Glenn

ब्लू ओरिजिन न्यू ग्लेन।(Photo Credit: Blue Origin/X)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

अमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस की अंतरिक्ष अनुसंधान कंपनी ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट अब सोमवार, 1:00 बजे ईटी (भारतीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे) फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह लॉन्च पहले रविवार को होना था, लेकिन अटलांटिक महासागर में मौसम खराब होने की के वजह से इसे 24 घंटे के लिए टाल दिया गया। ब्लू ओरिजिन का यह मिशन एलन मस्क के स्पेस एक्स को कड़ी टक्कर दे सकता है।

क्या है न्यू ग्लेन की खासियत?

न्यू ग्लेन रॉकेट, जिसे लगभग एक दशक से विकसित किया जा रहा है, स्पेसएक्स के फाल्कन 9 और फाल्कन हेवी रॉकेट्स की तरह दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। 320 फीट ऊंचा यह रॉकेट अपने पहले मिशन में कोई उपग्रह तैनात नहीं करेगा। हालांकि, यह ‘ब्लू रिंग’ नाम के एक नए अंतरिक्ष यान प्लेटफॉर्म का टेस्ट वर्जन ले जा रहा है।

 

कंपनी सोमवार सुबह अटलांटिक महासागर में अपने लैंडिंग प्लेटफॉर्म वेसल ‘जैकलिन’ पर बूस्टर को वापस लेने का प्रयास करेगी। खास बात यह है कि इस राकेट का नाम जेफ बेजोस की मां के नाम पर रखा गया है।

लैंडिंग का है इंतजार

इस मिशन का पेलोड ब्लू रिंग पाथफाइंडर है, जो ब्लू रिंग के कोर फ्लाइट, ग्राउंड सिस्टम्स और संचालन क्षमताओं का परीक्षण करेगा। यह डिफेंस इनोवेशन यूनिट (DIU) के ऑर्बिटल लॉजिस्टिक्स प्रोटोटाइप प्रयास का हिस्सा है।

 

ब्लू ओरिजिन ने बयान दिया है, ‘हमारा मुख्य उद्देश्य सुरक्षित रूप से कक्षा में पहुंचना है। हालांकि, बूस्टर को पहली बार समुद्र में लैंड कराना एक महत्वाकांक्षी प्रयास है, लेकिन हम इसे हासिल करने की कोशिश करेंगे।’

अभ्यास और तैयारियां

ब्लू ओरिजिन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, जरेट जोन्स ने कहा, 'यह न्यू ग्लेन की पहली उड़ान है और टीम ने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। हालांकि, किसी भी ग्राउंड परीक्षण या मिशन सिमुलेशन का मुकाबला वास्तविक उड़ान से नहीं किया जा सकता।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मिशन के दौरान जो भी सीखा जाएगा, उसे अगले लॉन्च में सुधार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

 

लॉन्च के दौरान, रॉकेट का बूस्टर अपने ज्यादातर ईंधन का उपयोग करने के बाद मुख्य हिस्से से अलग हो जाएगा। इसके बाद बूस्टर अपने पंखों और अन्य उपकरणों की मदद से खुद को लक्ष्य पर गाइड करेगा।

हॉटफायर परीक्षण और तकनीकी सफलता

दिसंबर 2024 में, न्यू ग्लेन ने अपना हॉटफायर परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण 24 सेकंड तक चला और इसमें पहली बार रॉकेट को इंटीग्रेटेड सिस्टम के रूप में संचालित किया गया।

 

हॉटफायर परीक्षण के दौरान, रॉकेट के सातों इंजन ने सामान्य प्रदर्शन किया और 13 सेकंड तक 100% थ्रस्ट पर काम किया। इसके अलावा, न्यू ग्लेन के सेल्फ-जेनेरेटेड प्रेशराइजेशन सिस्टम का भी परीक्षण किया गया, जो प्रोपेलेंट टैंकों को गैस से भरने के लिए डिजाइन किया गया है।


और पढ़ें