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रेंटल एग्रीमेंट बनवाते समय इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान

रेंटल एग्रीमेंट प्रॉपर्टी के मालिक और किरायेदार के बीच का कॉन्ट्रैक्ट होता है। यह रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन के माध्यम से दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट माना जाता है।

Key points for rental agreement in India

रेंट एग्रीमेंट कराते वक्त रखें इन बातों का ध्यान Image Credit: Pexels

घर या कमरा किराए पर देने के लिए मकान मालिक और किराएदार के बीच एक रेंट एग्रीमेंट बनता है। रेंट एग्रीमेंट एक तरीके से मकान मालिक और किराएदार के बीच का समझौता होता है। इसमें दोनों पार्टी के लिए नियम होते हैं। इन नियमों को दोनों ही पार्टी को फॉलो करना होता हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि रेंट एग्रीमेंट क्यों करना चाहिए और इसे कराते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

 

आपको रेंट एग्रीमेंट क्यों रजिस्टर कराना चाहिए?

रेंट एग्रीमेंट न केवल महत्वपूर्ण बल्कि विवाद मुक्त मकान मालिक-किराएदार एसोसिएशन के लिए यह जरूरी है। यह कानूनी रूप से उनके अधिकारों की रक्षा करते हुए दो पक्षों के बीच संबंधों को बढावा देता है। इसके अलावा, यह दूसरों को प्रॉपर्टी ऑनरशीप के बारे में भी सूचित करेगा। रेंटल एग्रीमेंट पर साइन करना जरूरी माना जाता है। वहीं, एग्रीमेंट को रजिस्टर कराना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भविष्य में बाइंडिंग एग्रीमेंट का एक ठोस सबूत माना जाता है। 

 

कब करना चाहिए रेंट एग्रीमेंट?

एक साल से कम समय तक चलने वाले रेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर करना जरूरी नहीं है, फिर भी यह एक प्रोएक्टिव प्रोसेस है। भविष्य में कोई विवाद न हो इसके लिए रेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर करने के लिए आवश्यक स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। 

 

रेंट एग्रीमेंट कराते वक्त रखें इन बातों का ध्यान 

 

टोकन और सिक्योरिटी डिपॉजिट

एग्रीमेंट में किरायेदार को शुरुआत में सिक्योरिटी डिपॉजिट और घर छोड़ते वक्त रिफंड की जानकारी साझा करना जरूरी है। 

 

मरम्मत और रखरखाव

एग्रीमेंट में यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि किराए पर दी गई प्रॉपर्टी की मरम्मत और रखरखाव का खर्च कौन देगा?

 

पार्किंग की जगह

एग्रीमेंट में किराएदार के लिए पार्किंग फैसिलिटी की जानकारी भी साझा करनी चाहिए।

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