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बिना तेल और आग के बनाई 2500 डिश, कौन हैं शेफ शिवकुमार?

तमिलनाडु के शेफ शिवाकुमार बिना तेल और बिना उबाले 2500 तरह के पकवान बनाकर सबको हैरान कर रहे हैं। उनके इस अनोखे तरीके में जादुई स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखा गया है।

No Oil No Boil Dishes, Photo Credit: Social Media

बिना तेल का खाना, Photo Credit: Social Media

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तमिलनाडु के कोयंबटूर में शेफ पदयाल शिवकुमार ने खाने की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने 'नो ऑयल, नो बॉयल' यानी बिना तेल के और बिना उबाले खाना बनाने का एक नया तरीका निकाला है। उनके 'पदयाल' नाम के होटल में बिरयानी, सब्जी और सांभर जैसी खाने की चीजें बिना आग और बिना घी-तेल के तैयार की जाती हैं। शिवकुमार का मानना है कि खाने को उबालने से उसकी ताकत खत्म हो जाती है और तेल असली स्वाद को बिगाड़ देता है। उन्होंने अब तक 2,500 से ज्यादा ऐसी शुद्ध शाकाहारी रेसिपी तैयार की हैं जो सेहत के लिए बहुत अच्छी हैं और जिन्हें समझना बहुत आसान है।

 

शेफ शिवकुमार का यह सफर तब शुरू हुआ जब उन्होंने पूरे भारत की यात्रा की और कई किसानों से मुलाकात की। वह खेती के जानकार जी. नम्मालवर के संस्थान 'वनगाम इकोलॉजिकल फाउंडेशन' भी गए, जहां उन्होंने कुदरती खेती और कच्चे खाने की बारीकियां सीखीं। उन्होंने खुद कई सालों तक सिर्फ कच्चा खाना खाकर इन तरीकों को आजमाया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्हें अपनी एक अकेली डिश को बिल्कुल सही बनाने में 5 साल तक का समय लगा है।

 

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स्वाद का सीक्रेट

आमतौर पर लोगों को लगता है कि बिना तेल के सब्जी का स्वाद नहीं आएगा लेकिन शिवाकमुार ने इसका आसान रास्ता निकाल लिया है। वह सब्जी की ग्रेवी को गाढ़ा और मलाईदार बनाने के लिए काजू और नारियल के पेस्ट का इस्तेमाल करते हैं। वह खाने को उबालने के बजाय भाप में पकाने या सेंकने जैसे तरीकों का उपयोग करते हैं ताकि खाने की असली ताकत सुरक्षित रहे। उनका कहना है कि 'खाना ही असली दवा है' और इसे प्राकृतिक रूप में खाना ही सबसे अच्छा है।

मेन्यू की खास चीजें

उनके होटल में ऐसी कई चीजें मिलती हैं जो लोगों को हैरान कर देती हैं। इसमें सांभर, रसम, खट्टी सब्जी, सूखी सब्जी और पोहे से बनी बिरयानी जैसी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा वह कई तरह के सैंडविच भी बिना आग के तैयार करते हैं। उनके पास मौजूद 2,500 से ज्यादा रेसिपी का खजाना यह साबित करता है कि अच्छी सेहत के लिए स्वाद छोड़ने की जरूरत नहीं है।

 

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कैसा दिखता है रेस्टोरेंट?

कोयंबटूर स्थित उनके रेस्टोरेंट की दीवारों पर उन महापुरुषों की तस्वीरें लगी हैं जिनसे शिवकुमार ने यह सब सीखा है। इनमें जी.नम्मालवर और किसान कार्यकर्ता 'नेल' जयरामन प्रमुख हैं। यह रेस्टोरेंट उन लोगों के बीच बहुत मशहूर हो रहा है जो फिट रहना चाहते हैं और शुद्ध खान-पान की तलाश में हैं। शिवकुमार ने दुनिया को दिखाया है कि बिना आग और तेल के भी बहुत ही जायकेदार खाना बनाया जा सकता है।

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