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BJP ने पोस्ट किया LSR कॉलेज की प्रिंसिपल का वीडियो, विरोध में क्यों उतरे छात्र?

दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रई राम कॉलेज की प्रिंसिपल एक वीडियो के कारण विवादों में फंस गई हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियक के पक्ष में उनकी एक वीडियो बीजेपी के आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट की गई है, जो विवाद का मुख्य कारण है।

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लेडी श्री राम कॉलेज की प्रिंसिपल, Photo Credit: Social Media

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दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज (एलएसआर) की प्रिंसिंपल के खिलाफ छात्राएं प्रदर्शन कर रही हैं। यह प्रदर्शन प्रिंसिपल कनिका आहूजा का एक वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुए हैं। वीडियो भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट की गई है जिसमें प्रिसिंपल महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 के पक्ष में बोलती हुई दिखाई दे रही हैं। बीजेपी ने इसे जब अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया तो प्रिंसिपल के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतर आए। 

 

बीजेपी के हैंडल पर पोस्ट की गई एक वीडियो में प्रिंसिपल प्रो. कनिका आहूजा नारी शक्ति वंदन अधिनियम की तारीफ करते हुए दिखाई दे रही हैं। वह वीडियो में कहती हैं कि यह एक ऐसा बिल है जिसका अब समय आ गया है। इससे महिलाओं के विकास से महिलाओं के नेतृत्व में विकास का सपना साकार होगा। वह कहती हैं कि महिलाओं की संख्या 50 प्रतिशत है लेकिन लोकसभा में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 14 प्रतिशत हैं। उन्होंने 1 मिनट से ज्यादा समय में इस बिल की तारीफ की है। 

 

यह भी पढ़ें: कभी मजदूरों को धमकी, कभी जय बंगाल पर भड़के, सुवेंदु को गुस्सा क्यों आता है?

क्यों हो रहा प्रोटेस्ट?

लेडी श्री राम कॉलेज की छात्राओं को बीजेपी के आधिकारिक हैंडल पर यह वीडियो पोस्ट करना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। छात्राएं प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगी। छात्रों ने कहा कि कॉलेज लंबे समय से राजनीतिक ना होने की बात करता है लेकिन अब खुद प्रिंसिपल एक राजनीतिक दल के लिए वीडियो बना रही है। छात्रों और कई पूर्व छात्रों ने इस वीडियो की आलोचना की है।

 

एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो पर कमेंट कर लिखा कि दोस्तों शांत हो जाएं हम ए-पॉलिटिकल हैं। एक अन्य छात्रा ने लिखा,'हमारा रुख गैर-राजनीतिक है। ऐसे में हम कैंपस में इस तरह की राजनीतिक बातचीत कैसे कर सकते हैं?'

प्रिंसिपल ने क्या सफाई दी?

इस वीडियो पर आलोचनाओं का सामना करने के बाद  प्रिंसिपल प्रो. कनिका आहूजा ने सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो बीजेपी के लिए रिकॉर्ड नहीं की गई थी बल्कि पीएम मोदी के प्रोग्राम नारी शक्ति वंदन में महिला और बाल विकास मंत्रालय के लिए रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने कहा कि वह अपने बयान पर अभी भी कायम हैं। लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 14 प्रतिशत से भी कम है।

 

उन्होंने कहा कि मैं इस विधेयक का स्वागत करती हूं। उन्होंने कहा कि मैंने अपने विचार एक शिक्षाविद के रूप में रखे हैं ना कि कोई राजनीतिक विचार है। हालांकि, प्रिंसिपल की सफाई के बावजूद छात्राएं प्रदर्श कर रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 150 से ज्यादा छात्राएं प्रदर्शन कर रही हैं। 


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