logo

मूड

ट्रेंडिंग:

AC कोच का शीशा तोड़ा तो खैर नहीं, 7 साल तक के लिए हो सकती है जेल

ट्रेन के AC कोच में पर्स चोरी होने से गुस्साई महिला का खिड़की का कांच तोड़ने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर क्या सजा हो सकती है? आइए जानते हैं।

Viral News

वायरल न्यूज, Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें ट्रेन के AC कोच में सवार एक महिला गुस्से में खिड़की का कांच तोड़ती दिखाई दे रही है। वीडियो को देखकर यह पता चल रहा है इस महिला का पर्स चोरी हो गया है और वह उसे वापस देने की मांग करते हुए ट्रेन की खिड़की पर अपना गुस्सा निकाल रही है। आपको पता हैं कि रेलवे की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने से क्या सजा मिलती है?

 

यह वीडियो इंदौर से दिल्ली आने वाली ट्रेन नंबर 20957 का बताया जा रहा है जिसमें बैठी हुई महिला किसी ट्रे जैसी चीज से शीशे को तोड़ रही है। ट्रेन के कर्मचारी उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं पर वह अपना पर्स वापस लाने की जिद पर कांच को तोड़ते ही जा रही है। पर क्या इतना आसान है ट्रेन की संपत्ति को नुकसान पहुंचा कर अपनी चीजों की मांग करना अगर वह खो भी गई हो तो? आइए जानते हैं रेलवे के नियम और प्रावधान जो ऐसा कुछ करने के बाद उस व्यक्ति के साथ क्या हो सकता है?

 

यह भी पढ़ें- क्या लोकल दुकान पर धुल रही PM मोदी की गाड़ी! सोशल मीडिया पर ऐसे दावे क्यों?

 

रेलवे प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने की क्या है सजा?

  • कोई भी व्यक्ति या महिला AC कोच का शीशा तोड़ने या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं तो यह एक गंभीर अपराध है। इन अपराधों के लिए कड़ी कानूनी सजा का प्रावधान हैयह मुख्य रूप से रेलवे एक्ट 1989 के तहत आते हैंइस एक्ट के तहत सजा तय की गई है
  • अगर कोई जानबूझकर या लापरवाही से रेलवे को नुकसान या बर्बाद करते हैं तो उन्हें जुर्माना या जेल जिसकी अवधि 7 साल तक हो सकती है, या फिर दोनों।
  • यदि किसी का किया हुआ नुकसान जिसका मूल्य 100 रुपये से अधिक है तो सजा आमतौर पर कड़ी होती है।  

 

यह भी पढ़ें- 35 लाख के भैंसे का नाम 'युवराज', वजन 800 किलो, पुष्कर मेले में बना स्टार

 

  • रेलवे एक्ट के तहत अगर कोई भी रेलवे पर यात्रा करने वाले किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालता है तो उसे 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इसमें रेल के डिब्बों को बाधित करना या उसकी कोशिश करना भी शामिल है।
  • एक्ट की धारा 174 (A) में ट्रेन या दूसरे रेल के डिब्बों को परेशान करने का क्राइम भी शामिल है। इसके तहत 2 साल तक की सजा और दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।  
  • रेलवे प्रॉपर्टी एक्ट 1966 के अनुसार अगर कोई पेसेंजर ट्रेन से कोई सामान चोरी करते हुए या साथ ले जाते जैसे ट्रेन की बर्थ से चादर, कंबल या तकिया के साथ पकड़ा जाता है तो 5 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। हां अगर कोई पहली बार ऐसा करते पकड़ा जाता है तो उसे कम से कम 1 साल की सजा या 1000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
Related Topic:#Viral News

और पढ़ें