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'किडनैपिंग, 1.8 करोड़ की लूट,' UPSC मेंटर शुभ्रा रंजन के साथ क्या हुआ?

शुभ्रा रंजन, IAS एकेडमी की डायरेक्टर हैं। उनकी संस्था पहले भी सुर्खियों में रही है। वह किडनैप कैसे हो गईं, कैसे बाहर निकलीं, पढ़ें रिपोर्ट।

Shubhra Ranjan

UPSC मेंटर शुभ्रा रंजन। Photo Credit: Shubhra Ranjan FB

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दिल्ली की मशहूर IAS कोचिंग एकेडमी की डायरेक्टर और UPSC मेंटर शुभ्रा रंजन पर प्रसिद्धि भारी पड़ी है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक शख्स ने उन्हें कोचिंग की एक नई फ्रेंचाइजी खोलने का ऑफर दिया, फिर उन्हें और उनकी टीम को अगवा कर लिया। सिर्फ यही नहीं, बंदूक की नोक पर उनसे 1.89 करोड़ रुपये ऑनसाइन ट्रांसफर करावाए गए। 

मध्य प्रदेश पुलिस ने साजिशकर्ता के नाम का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि कैसे शुभ्रा रंजन इस जाल में फंसी और उन्होंने पैसे का ट्रांसफर किया। पुलिस की सक्रियता से उन्हें बचा लिया गया। 

 

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किसके इशारे पर रची गई साजिश?

शुभ्रा रंजन के साथ हुई इस साजिश का मास्टरमाइंड प्रियंक को बताया जा रहा है। वह भोपाल में उसी एकेडमी का फ्रेंचाइजी चला रहे थे। प्रियांक ने शुभ्रा रंजन को दिल्ली से भोपाल बुलाया। उन्होंने कहा कि अकादमी का नया सेंटर खोलने और सेमिनार करने की योजना है। शुभ्रा रंजन, इस जाल में फंस गईं। 

कैसे किडनैप हो गईं शुभ्रा रंजन?

शुभ्रा रंजन बुधवार दोपहर को होटल से प्रियांक के साथ गईं। उन्हें भोपाल के बागसेवनिया इलाके में किराए के एक फ्लैट में ले जाया गया। वहां पहले से ही हथियारबंद लोग मौजूद थे। चार घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। उन पर पिस्तौल रखकर पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर किया गया।

सुंदर कांड का करवाया पाठ

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने चीख-पुकार छिपाने के लिए फ्लैट में सुंदरकांड का पाठ करवाया। साथ ही धमकी दी कि शिकायत की तो उनके साथियों को मार दिया जाएगा। पैसे ट्रांसफर होने के बाद रात में उन्हें छोड़ दिया गया।

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रीवा और दातिया से बुलाए गए थे बदमाश

प्रियंक शर्मा ने शुभ्रा रंजन को फंसाने की कथित तौर पर पूरी साजिश रची थी। जिस फ्लैट में उन्हें ले जाया गया था, उसे सिर्फ एक दिन पहले किराए पर लिया गया था। अपराधियों को दतिया और रीवा समेत दूसरे इलाकों से बुलाया गया था।

ICU में छिप रहा था आरोपी, पुलिस ने गिरफ्तार किया

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। तकनीकी सबूतों के आधार पर छापेमारी की गई। प्रियंक अस्पताल में ICU में छिपने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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क्या-क्या बरमाद हुआ?

पुलिस ने प्रियंक समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। तीन अन्य फरार हैं। पुलिस ने पिस्तौल, गाड़ी और मोबाइल भी बरामद कर लिया है। ट्रांसफर किए गए पूरे 1.89 करोड़ रुपये अकाउंट में फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि यह रकम जल्द ही शुभ्रा रंजन को लौटा दी जाएगी। 

 

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