अमेरिका में लाखों की संख्या में भारतीय लोग नौकरी कर रहे हैं और वहां रहकर बेहतर जीवन यापन कर रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक भारतीय प्रवासी की वीडियो वायरल हुई है, जिसमें वह अमेरिका में महंगे इलाज को लेकर अपनी बात रख रहा है।
दरअसल, भारतीय प्रवासी पार्थ विजयवर्गीय अमेरिका में नौकरी करते हैं। पिछले दिनों आइस-स्केटिंग करते समय उन्हें चोट आई, जिसके बाद उन्हें एक अस्पताल में इमरजेंसी में भर्ती होना पड़ा। इस छोटी सी विजिट के लिए पार्थ को अस्पताल को 1,800 डॉलर देना पड़ा। यह रकम भारतीय रुपयों में 1,63,800 होती है। 9- मिनट के लिए इतनी भारी-भरकम रकम चुकाने को लेकर पार्थ ने सोशल मीडिया पर अपनी राय रखा है, जो अब वायरल है।
हेल्थकेयर का खर्च और असल हकीकत
पार्थ विजयवर्गीय ने कहा, 'अमेरिका में हेल्थकेयर का खर्च असल जिंदगी की घटना है। कई लोग कहते हैं कि अमेरिका महंगा है, मैं यहीं रहता हूं और मैं आपको एक उदाहरण देकर समझाता हूं कि यह कितना महंगा है।'
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उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में आइस स्केटिंग करते समय चोट लगने के बाद वह एक टैक्सी में बैठकर इंमरजेंसी रूम गए। उन्होंने बताया कि पैर में दर्द होने के बावजूद, एम्बुलेंस बुलाने के बजाय, उन्होंने अपनी कार से अस्पताल जाने का फैसला किया क्योंकि अमेरिका में एंबुलेंस का खर्च बहुत अधिक है।
अस्पताल को कितने पैसे दिए?
पार्थ विजयवर्गीय ने बताया कि वह अस्पताल के इमरजेंसी रूम में 1.5 घंटे रहे, जहां उनका टेस्ट हुआ और इलाज हुआ। लगभग तीन हफ्ते के बाद, उन्हें अपने इंश्योरेंस कंपनी से एक बिल मिला कि उन्हें हॉस्पिटल को लगभग 1,800 डॉलर देने होंगे। यह रकम उनकी तरफ से दी गई, जबकि उनकी इंश्योरेंस कंपनी ने अस्पताल को 4,500 डॉलर दिए। यह कुल रकम मिलाकर 6,354 डॉलर यानी 5.80 लाख रुपये हो गई।
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पार्थ विजयवर्गीय ने आके कहा, 'इसीलिए अमेरिका इतना महंगा है, इसीलिए यहां लोगों की सैलरी ज्यादा है।'
सोशल मीडिया पर रिएक्शन
पार्थ विजयवर्गीय की वीडियो पर सोशल मीडिया पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रियां दे रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट में कहा, 'उम्मीद है आप समझ सकते हैं कि हम यहां कैसे काम करते हैं और भारतीय डॉक्टर कितने कुशल हैं। चाहे डॉक्टर उपलब्धता हो या नहीं।'