एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने रेडिट पर अपनी कहानी शेयर की है जिसमें उनके मैनेजर की लापरवाही से उनका प्रमोशन लगभग हाथ से निकल गया। यह घटना आईटी सेक्टर में जवाबदेही (accountability) और वर्कप्लेस कल्चर की समस्याओं को उजागर करती है।
रेडिट पोस्ट का टाइटल था - 'मेरा प्रमोशन मैनेजर की गलती से लगभग चला गया था। सालों बाद क्या हुआ, पढ़िए!’ 2022 में यह युवा एक सर्विस-बेस्ड आईटी कंपनी में काम कर रहा था। वह फ्रेशर के रूप में जॉइन हुआ था और दो साल से ज्यादा हो चुके थे। वह अच्छे से काम सीख रहा था, टास्क समय पर पूरा कर रहा था और प्रमोशन के लिए पूरी तरह तैयार था।
यह भी पढ़ें: जेल गए, प्रमोशन रुका, आरोप लगाने वाली साली बोली, 'छेड़छाड़ तो सपने में हुई थी'
नहीं भेजा नाम
लेकिन अचानक समस्या आ गई। उसके मैनेजर (जो कंपनी में 15-16 साल से काम कर रहे थे) ने प्रमोशन के लिए नाम भेजने की आखिरी तारीख में चूक कर दी। डेडलाइन बीत जाने के बाद भी वह प्रोजेक्ट के पीएमओ से फॉलो-अप कर रहे थे। कंपनी के नियम के अनुसार, जिनका नाम नहीं भेजा गया, उन्हें बेंच पर डाल दिया जाता है।
युवक ने लिखा, 'बस ऐसे ही... सब कुछ खत्म हो गया!’
जब उन्होंने मैनेजर से बात की तो मैनेजर ने मामले को हल्का करने की कोशिश की और कहा कि नाम भेजने से प्रमोशन पक्का नहीं होता, यह तो एंट्रेंस एग्जाम जैसा है। कोई माफी, कोई सजा या कोई एस्केलेशन नहीं हुआ।
बेंच पर भेज दिया गया
उन्हें एक महीने बाद बेंच पर भेज दिया गया। वह बहुत परेशान और कन्फ्यूज हो गए। उन्हें नया प्रोजेक्ट ढूंढने के लिए खुद सीनियर मैनेजमेंट से बात करनी पड़ी। आखिरकार उन्हें प्रमोशन तो मिल गया लेकिन नया प्रोजेक्ट बेहद टॉक्सिक निकला। इससे तंग आकर उन्होंने कंपनी छोड़ दी।
मैनेजर को भी सबक मिला
कई साल बाद उन्हें पता लगा कि वही मैनेजर एक बड़े क्लाइंट प्रोजेक्ट को गड़बड़ाने के बाद खुद बेंच पर चले गए थे और उनकी नौकरी लगभग जाने वाली थी। युवक को अजीब सा सुकून मिला। उसने लिखा, 'मेरे दोस्त ने कहा था - कर्म सिद्धांत सबसे अच्छा तब काम करता है जब आप उसे भुला देते हैं।’
यह भी पढ़ें: यूपी में तारीफ, प्रमोशन और वाहवाही के लिए हो रहे एनकाउंटर, HC की सख्त टिप्पणी
अब क्या कहना है?
अब 28 साल के इस युवक का कहना है कि आज के समय में लॉयल्टी (निष्ठा) का कोई मतलब नहीं रह गया है। यह न तो सुरक्षा देती है, न तरक्की और न ही बेसिक जवाबदेही। वह अब स्किल्स बढ़ाने और अलग-अलग तरीके से कमाई के स्रोत बनाने पर फोकस कर रहा है। उसका सुझाव है कि करियर को सिर्फ एक मैनेजर या एक कंपनी पर निर्भर नहीं करना चाहिए।