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युद्ध के चक्कर में तेल नहीं मिलेगा? पेट्रोल पंप पर लग रही लंबी लाइन

पश्चिमी एशिया में मचे बवाल के बीच इन दिनों तेल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसका फायदा अफवाह फैलाने वाले उठा रहे हैं। कई इलाकों में लोग डर के मारे डीजल-पेट्रोल खरीदने लगे हैं।

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पेट्रोल पंप पर जुटी भीड़, Photo Credit: PTI

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हावड़ा में इस हफ्ते शाम के समय पेट्रोल पंपों पर अचानक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई, जिसका मुख्य कारण सोशल मीडिया पर फैली तेल की कमी और बढ़ती कीमतों की अफवाहें थीं। प्रशासन और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि सप्लाई बिल्कुल सामान्य है लेकिन डर की वजह से दफ्तर से घर लौट रहे लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे।

 

शहर के पेट्रोल पंपों पर इस अफरा-तफरी के पीछे व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे कुछ गलत मैसेज हैं। इन संदेशों में दावा किया जा रहा था कि आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल-डीजल मिलना मुश्किल हो जाएगा। इन झूठी खबरों पर यकीन करके लोग घबरा गए और सावधानी के तौर पर बड़ी संख्या में फ्यूल स्टेशनों पर पहुंचने लगे।

 

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आम लोगों ने इस घटना पर क्या कहा?

इस भीड़ का असर तब और साफ दिखा जब बुधवार की शाम को हावड़ा मैदान के एक पेट्रोल पंप पर लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। बंतरा के रहने वाले शंकर घोष ने बताया कि उन्होंने जैसे ही अपने फोन पर तेल की किल्लत और कीमतों में उछाल वाला मैसेज देखा, वे तुरंत पेट्रोल भरवाने पहुंचे। शंकर घोष को वहां अपनी बारी आने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उनके जैसे कई और लोग भी इसी तरह के मैसेजेस की बात करते हुए लाइन में खड़े मिले।

कंपनी और डीलर्स ने भी दी सफाई 

'वेस्ट बंगाल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष अरुण सिंघानिया ने जनता को भरोसा दिलाया है कि घबराने की कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य के पास तेल का काफी स्टॉक है और सप्लाई चेन में कोई दिक्कत नहीं आई है। तेल कंपनियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें।

 

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प्रशासन का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कोई असल किल्लत नहीं है। यह भीड़ सिर्फ लोगों के बीच फैली गलतफहमी का नतीजा है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और केवल जरूरत के हिसाब से ही तेल भरवाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अगर लोग अफवाहों पर ध्यान देना बंद कर दें, तो पंपों पर सामान्य स्थिति बनी रहेगी।


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