उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के एक स्कूल का 'मिड-डे-मील' प्रोजेक्ट सुर्खियों में है। यहां बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील में भारी लापरवाही बरती गई। यहां के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पीने के लिए दिए जा रहे दूध में बहुत ज्यादा पानी मिलाया गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब जाकर विभाग हरकत में आया है, जब लोगों ने प्रशासन को कोसना शुरू किया है। मुख्य रूप से यह मामला कबरई ब्लॉक के एक प्राथिमक विद्यालय का है। एक महिला एक बाल्टी पानी में सिर्फ दो पैकेट दूध मिला रही थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
स्कूल में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को दूध पिलाया जाना था। नियम के अनुसार बच्चों को निर्धारित मात्रा में शुद्ध दूध मिलाना चाहिए लेकिन वीडियो में देखा गया कि किचन में एक बाल्टी पानी भरा हुआ था और उसमें आधा-आधा लीटर के महज दो पैकेट दूध डाले गए। यह दूध इतना पतला था कि वह बिल्कुल सफेद पानी जैसा दिख रहा था। जब यह वीडियो स्थानीय लोगों तक पहुंचा, तो उन्होंने स्कूल प्रबंधन की नीयत और बच्चों की सेहत को लेकर चिंता जताई।
यह भी पढ़ें: रील बनाते बनाते अचानक फांसी पर झूल गई महिला, 4 साल की बेटी देख रोने लगी
लोगों की शिकायत
गांव वालों और बच्चों के माता-पिता का कहना है कि स्कूल में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता अक्सर खराब रहती है। उनका आरोप है कि बच्चों के हिस्से का राशन और दूध बचा लिया जाता है और उन्हें आधा-अधूरा पोषण दिया जाता है। इस घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की।
यह भी पढ़ें: दिल्ली में बनेंगे मेट्रो के 3 नए रूट, जानिए कहां-कहां होगा विस्तार
जांच का आदेश
वीडियो कि जानकारी मिलते ही महोबा के जिला बेस्कि शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बीएसए ने स्पष्ट किया है कि मिड-डे मिल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल जाकर जांच करने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी रसोइये या स्कूल प्रभारी पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।