उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर रैंगिग का एक मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी के एक कमरे में कुछ छात्राएं मिलकर एक छात्रा को पीट रही हैं। इस घटना की एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह से लड़कियां एक लड़की को पीट रही हैं। वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह से एक लड़की को पूरा ग्रुप परेशान कर रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
वीडियो में दिख रहा है कि एक छात्रा दूसरी छात्रा के बाल पकड़कर उसे बार-बार थप्पड़ मारती है और गंदी गालियां देती है। वहीं आसपास मौजूद अन्य छात्राएं उसे उकसाती और ताली बजाकर माहौल को और भड़काती दिखाई देती हैं। इस दौरान उन्हीं में से एक छात्रा वीडियो बना रही होती है। पीड़िता पास में बैठी एक लड़की से शिकायत भी करती है लेकिन वह भी कुछ नहीं करती है।
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क्या है पूरा मामला?
करीब 3 मिनट 17 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में छात्राओं के बीच बातचीत के बाद एक लड़की को दूसरी छात्रा को मारने के लिए उकसाया जाता है। इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पहले वे आपस में बात करती हैं और फिर एक लड़की कहती है कि इस थप्पड़ मार। उस छात्रा को किसी चीज के लिए माफी मांगने के लिए मजबूर किया जाता है और एक छात्रा कहती है, 'हर बार सॉरी बोलने पर एक थप्पड़।' इसके बाद छात्रा पीड़िता के बाल खींचकर थप्पड़ मारती है। पीड़िता खुद को बचाने की कोशिश करती है लेकिन दूसरी छात्रा उसके हाछ पकड़ लेती है। इस घटना की वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
यूनिवर्सिटी ने शुरू की जांच
वीडियो के वायरल होते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी में छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने सख्त कदम उठाते हुए मारपीट करने वाली, वीडियो बनाने वाली और अन्य शामिल छात्राओं को निष्कासित कर दिया है। साथ ही उनके अभिभावकों को भी सूचना दे दी गई है। इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए यूनिवर्सिटी ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति को 4 से 5 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
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पुलिस ने क्या बताया?
इस वायरल वीडियो के संबंध में एसपी दादरी प्रशाली गंगवार ने बताया कि वायरल वीडियो लगभग 10 से 12 दिन पुराना है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अभी तक यूनिवर्सिटी प्रशानस की ओर से और ना ही पीड़िता की ओर से कोई शिकायत मिली है। पुलिस का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की आंतरिक रिपोर्ट आने के बाद छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।