उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ आक्रोश फैला हुआ था। जगह-जदह पर लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इस विरोध के बाद अब प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया है। अब राज्य में फिर से पहले की तरह पोस्टपेड सिस्टम लागू होगा, जिसमें उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल जारी किया जाएगा। जनता के विरोध के बाद इसे सरकार के यू-टर्न के तौर पर देखा जा रहा है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर प्रदेशभर में लगातार विरोध और शिकायतें सामने आ रही थीं। लोगों का आरोप था कि इस सिस्टम में बहुत सारी खामियां हैं। कई लोग जिनका बिल पहले कम आता था अचानक से उनका बिल 3-4 हजार रुपये तक पहुंच गया। इसके अलावा रिचार्ज करने पर भी बिजली सप्लाई चालू नहीं होती थी और बैलेंस नेगेटिव में दिखाता था। प्रचंड गर्मी के बीच लोगों के घरों की बिजली काट दी जा रही थी जिससे लोगों में गुस्सा था।
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मंत्री ने क्या बताया?
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों और असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा, 'अब प्रीपेड मीटर की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और पुराने सिस्टम को फिर से लागू किया जाएगा।'
स्मार्ट मीटर हटाने की जरूरत नहीं
मंत्री ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य या पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही काम करेगा। इसका मतलब है कि यूपी में अब प्री-पेड मीटर की व्यवस्था खत्म हो गई है। जिस तरह से उपभोक्ता पहले बिल भरते थे वही सिस्टम फिर से लागू किया जाएगा। महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक का बिल अगले दिन दिन में आपको आपके फोन पर भेजा जाएगा और उसके बाद आपको वह बिल भरना होगा।
अब नहीं कटेगी बिजली
इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में महीने के अंदर बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके साथ ही पिछला बकाया भरने के लिए उपभोक्ताओं को दस किश्तों की सुविधा दी गई है। यानी अगर आपका कोई पिछला बकाया है तो आप उसे दस किश्तों में भर सकते हैं। इसके साथ ही पुराने मीटरों को स्मार्ट और प्रीपेड मीटर में बदलने के काम पर भी रोक लगा दी गई है।
पुराने मीटर भी करेंगे काम
इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि पुराने मीटर भी काम करेंगे। इसका अर्थ हुआ कि अब लोगों को नए मीटर लगवाने की जरूरत नहीं है। जिनके घर में प्रीपेड मीटर लग गए हैं, उन्हें पोस्ट पेड किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मीटर के साथ मोबाइल नंबर अपडेट करा लें और बिजली विभाग की ओर से भेजे जाने वाले संदेशों को ध्यान से देखें।
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स्मार्ट मीटर विवाद समझिए
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद प्रदेश में कई समस्याएं सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाखों उपभोक्ताओं के घरों में बिना सहमति के मीटर लगाए गए थे और बैलेंस खत्म होते ही बिजली सप्लाई बंद हो जाती थी। कुछ मामलों में तकनीकी खराबी के कारण ऐसे उपभोक्ताओं की भी बिजली काट दी गई जिनका बैलेंस पॉजिटिव था। इसके चलते लोगों में आक्रोश बढ़ा और कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए। लोग स्मार्ट मीटर को लगाने आ रहे कर्मचारियों को गांव में नहीं घुसने दे रहे थे। इसके अलावा, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की कि प्रीपेड सिस्टम में बार-बार रिचार्ज कराना पड़ता था और अचानक बिजली कट जाती थी।
विरोद के बाद सरकार ने पहले तो राहत देते हुए बैलेंस खत्म होने पर भी कुछ समय तक बिजली चालू रखने जैसे नियम लागू किए थे लेकिन इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। इसके बाद अब सरकार ने अपने फैसले पर पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया है। इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। अब उन्हें बार-बार रिचार्ज की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और अचानक बिजली कटने की समस्या से राहत मिलेगी।