logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'CM साहब IPS चला रहे भ्रष्टाचार की दुकान', UP पुलिस के सिपाही का वीडियो वायरल

सिपाही सुनील शुक्ला ने यूपी पुलिस के बड़े अधिकारियों के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी से मदद की गुहार लगाई है।

UP police Constable

सिपाही सुनील शुक्ला। Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे बड़े अफसरों पर बड़ा आरोप लगा है। आरोप किसी गैर ने नहीं बल्कि खुद यूपी पुलिस के एक वर्तमान सिपाही ने लगाए हैं। आरोप इतने गंभीर लगाए गए हैं कि पुलिस के बड़े अधिकारियों की नींद हराम हो सकती है। सिपाही ने आरोप लगाते हुए एक वीडियो बनाई है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की है।

 

आरोप लगाते हुए सिपाही का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में बोल रहे कांस्टेबल का नाम सुनील कुमार शुक्ला है। सुनील ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए कहा, 'माननीय मुख्यमंत्री जी, मैं लखनऊ कमिश्नरेट तथा उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में इन काले अंग्रेज अर्थात आईपीएस अधिकारियों द्वारा चलाई जा रही भ्रष्टाचार रूपी जमींदारी व्यवस्था पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं।'

 

यह भी पढ़ें: बेड के बाद आलमारी के नीचे निकली हथियारों की फैक्ट्री, घर में बना रहे थे कट्टा

'लूट की जमींदारी व्यवस्था चल रही'

उसने कहा, 'लखनऊ कमिश्नरेट के रिजर्व पुलिस लाइन में अर्थात आपकी नाक के नीचे इन काले अंग्रेज (आईपीएस अधिकारियों द्वारा) लूट की जमींदारी व्यवस्था चलाई जा रही है, जिनमें आपके द्वारा नियुक्त सिपाही दीवान बेचारा लूटा जा रहा है। ये व्यवस्था इतनी सुनियोजित सुव्यवस्थित ढंग से चलाई जाती है, जिस पर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं।'

 

 

 

 

सुनील शुक्ला ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस लाइन के आरआई और गणना प्रभारी के जरिए वसूली के नेटवर्क चल रहा है। सिपाही सुनील खुद भी वसूली का पीड़ित है। 

रिजर्व इंस्पेक्टर जमा करता है पैसे

सुनील शुक्ला के मुताबिक, रिजर्व इंस्पेक्टर को आईपीएस नियुक्त करता है। रिजर्व इंस्पेक्टर वसूली के लिए एक गणना प्रभारी को नियुक्त करता है। गणना प्रभारी अपनी सुविधा के लिए एक गारद कमांडर नियुक्त करता है। ड्यूटी लगाने के लिए सिपाही और दीवान को रकम देनी पड़ती है। गारद कमांडर के जरिए ही वसूली की रकम ऊपर तक पहुंचती है। दो हजार रुपए प्रतिमाह प्रति व्यक्ति गारद कमांडर को देना पड़ता है। 

 

यह भी पढ़ें: 'मेहनत से पढ़ लेता तो...', 500 में से 499 नंबर लाने वाले की मां ने जताया अफसोस

 

गारद कमांडर भी दो हजार रुपए देने पड़ते हैं। गारद कमांडर पूरी पुलिस लाइन से वसूली करके रिजर्व इंस्पेक्टर को देता है। बाद में रिजर्व इंस्पेक्टर अपना हिस्सा काटकर बाकी रकम ऊपर तक पहुंचाता है।

जांच के लिए समिति गठित 

सिपाही सुनील शुक्ला के वायरल वीडियो पर यूपी पुलिस ने प्रतिक्रिय दी है। यूपी ने कहा है कि वायरल वीडियो के संबंध में अवगत कराना है कि इसे गंभीरता से लिया गया है। साथ ही कहा है कि सिपाही के आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।


और पढ़ें