ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन उत्पीड़न के झूठे मामले में फंसाने की कथित तौर पर साजिश हुई है। वाराणसी में शाहजहांपुर के रहने वाले एक शख्स ने आरोप लगाया है कि उसे, अविमुक्तेश्वरानंद को फंसाने के लिए दबाव दिया जा रहा है। शख्स का आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दायर कराने वाले आशुतोष पांडेय ने उस पर दबाव दिया है, कि वह बेटियों से छेड़छाड़ का झूठा आरोप, अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लगवा दें।
शाहजहांपुर के इस शख्स का नाम रामाकांत दीक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आशुतोष पांडे ने उन पर दबाव डालने की कोशिश की, उन्हें प्रलोभन दिया। यह वादा किया कि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, पूरी मदद दी जाएगी। शख्स ने आशुतोष पांडेय के इस कथित प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
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रामाकांत दीक्षित ने कहा, 'मेरे पास तीन लोग आए। उन्होंने मुझे फोन पर आशुतोष पांडे से बात कराई। उन्होंने कहा कि स्वामीजी को थोड़ा 'सेट' करना है। वे शंकराचार्य के खिलाफ आरोप लगाने की बात कर रहे थे। मैंने उनसे कहा कि आप मेरी बेटियों के बारे में ऐसी बातें कैसे कह सकते हैं? मैंने शंकराचार्य जी से मुलाकात की है। मैंने उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है।'
'बेटियों से कह दो कि आरोप लगा दो'
उन्होंने कहा, 'आशुतोष पांडेय के खिलाफ मेरा कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। मैं अपने घर से निकला था, बाइक पर घर पर बात कर रहा था। 3 लोग आए थे, उन्हें मैं जानता नहीं था। उन्होंने मेरे पिता का नाम लिया। मुझे लगा कि परिचित होंगे। ऐसा है कि एक मामला कराना है करा दीजिए। मैं आशुतोष पांडेय बोल रहा हूं। स्वामी जी हैं, बहुत ज्यादा हैं, उनको ठीक करना है। तुम अपनी बेटी से कह दो। मैंने उनके प्रस्ताव पर कहा कि आप सोच कैसे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सब इंतजाम हो जाएगा।'
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क्या है वह मामला, जिसमें शंकराचार्य का नाम आया?
प्रयागराज की एक अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। आशुतोष पांडे ने आरोप लगाया था कि आश्रम में बच्चों के साथ गलत हरकतें हुईं हैं। शंकराचार्य पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
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अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्या कहा?

अब आगे क्या?
अब रामाकांत दीक्षित नाम के इस शख्स के सामने आने के बाद, पूरा मामला पलड़ता नजर आ रहा है। वह दावा कर रहे हैं कि उन पर झूठे आरोप लगवाने का दबाव बनाया गया था। आशुतोष ब्रह्मचारी के लगाए गए आरोपों को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने खारिज किया है। वह बार-बार कहा रहे हैं कि वह 24 घंटे कैमरे की नजर में रहते हैं। वह जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे लेकिन यह सब, उन्हें और शंकराचार्य नाम की संस्था को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।