भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क तैयार हो गया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए है। व्यापार समझौते में कृषि पर भी बात की गई है लेकिन उन संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखा है। डोनाल्ड ट्रंप, भारत में अमेरिकी कृषि उत्पादों की स्वीकार्यकर्ता को लेकर उत्साहित हैं। 

अमेरिका का कहना है कि इससे उनके किसानों को भारत में ज्यादा बाजार मिलेगा। अमेरिकी उत्पादों पर भारत टैरिफ करने वाला है। जैसे पशुओं के लिए चारे, ज्वार बाजरा, बादाम, ताजे और प्रोसेस्ड फ्रूट्स, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स पर भारत टैरिफ कम करेगा या खत्म करेगा। |

अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने इसे बड़ी सफलता बताया है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की डीलमेकिंग से अमेरिकी किसानों और मजदूरों के लिए बड़ा बाजार खुल रहा है। भारत सरकार ने साफ कहा है कि हमारे संवेदनशील कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। 

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पीयूष गोयल, वाणिज्य मंत्री:-
हमारे किसानों के हित सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण हैं। मोदी सरकार पूरी तरह से कसम खाकर कह रही है कि हम अपने अन्नदाता की रक्षा करेंगे और गांवों की रोजी-रोटी को सुरक्षित रखेंगे। किसी भी व्यापार समझौते में अनाज, फल, सब्जियां, मसाले, तिलहन, दूध-दुग्ध उत्पाद, मुर्गी-पशुधन और मांस जैसे संवेदनशील खेती के सामानों पर कोई छूट या समझौता नहीं किया गया है। भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते में भारतीय सामानों को बेहतर और ज्यादा फायदा देने वाली शर्तें हासिल की गई हैं।

भारतीय किसानों के लिए कैसा है यह फैसला?

केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर साफ कहा है कि किसानों के संवेदनशील क्षेत्रों में कोई ढील नहीं दी गई है। खाद्यान्न और डेयरी उत्पादों पर अमेरिकी आयात से कोई बड़ा खतरा नहीं है। छोटे किसानों की आजीविका सुरक्षित रहेगी। दूसरी तरफ, फायदा भारत को भी मिलेगा। 

भारतीय कृषि उत्पाद सुरक्षित रहेंगे। Photo Credit: PTI

 

 

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भारत को क्या लाभ मिलेगा?

अमेरिका ने भारतीय सामानों पर अपना टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इससे टेक्सटाइल, जूते-चप्पल, दवाइयां, प्लास्टिक प्रोडक्ट्स, लेदर, फार्मास्यूटिकल्स, घरेलू सजावट जैसी चीजों के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। नई ट्रेड डील से लघु और मध्यम उद्योग (MSME), किसान और मछुआरों को फायदा होगा और लाखों नौकरियां बढ़ सकती हैं। केंद्र सरकार का यह भी दावा है कि 30 ट्रिलियन का बाजार भारत के लिए खुल जाएगा। 

कृषि पर क्या असर पड़ेगा?

भारत ने अपनी संवेदनशील कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। भारत अमेरिका के कई उत्पादों पर हाई टैरिफ जारी रखेगा।

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किन फसलों पर देसी हितों की रक्षा हुई है?

  • अनाज: गेहूं, चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, जौ, ओट्स, मिलेट्स, मैदा और आटा
  • डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, पनीर, मक्खन, घी, क्रीम, दही, छाछ, दही के उत्पाद।
  • सब्जियां और दालें: आलू, मटर, बीन्स, फ्रोजन सब्जियां, मशरूम, खीरा-गार्किन, मिक्स्ड वेजिटेबल
  • मसाले: काली मिर्च, मिर्च, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, दालचीनी

और किन क्षेत्रों में नहीं मिलेगी अमेरिका को छूट

पोल्ट्री, मीट, सोया, तंबाकू, इथेनॉल सेक्टर में अमेरिका को कोई राहत नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार ने कहा है कि भारतीय हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। व्यापार भारत की शर्तों के हिसाब से हुआ है। केंद्र सरकार ने कहा है कि डेयरी, फल, सब्जियां, मसाले और अनाज सुरक्षित हैं, जिससे भारतीय किसानों की आजीविका बनी रहे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

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अमेरिका को क्या मिल रहा है कृषि में?

अमेरिका ने कहा है कि भारत उनके कुछ कृषि प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम या खत्म करेगा। लेकिन ये वो चीजें हैं जो भारत में संवेदनशील नहीं मानी जातीं। अमेरिका भारत में पशुओं के चारे, बादाम, अखरोट, सोयाबीन तेल, वाइन और शराब बेचना चाहता है। भारत इनमें भी बहुत ज्यादा रियायत नहीं देगा।