बांग्लादेश में अगले हफ्ते 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं। एक साल से ज्यादा समय से देश में चल रही अंतरिंम मोहम्मद यूनुस सरकार की जगह अब ढाका में नई सरकार आकार लेगी। एक तरफ बांग्लादेश में चुनावों की तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ चुनाव के बीच में बांग्लादेश, अमेरिका के साथ ट्रेड डील पक्की करने में जुटा है।
दरअसल, खबर है कि बांग्लादेश और अमेरिका आम चुनाव से ठीक तीन दिन पहले 9 फरवरी को एक ट्रेड डील करने जा रहे हैं। यह जानकारी बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री महबूबुर रहमान ने दी है। बांग्लादेश के जाने-माने अखबार प्रोथोम एलो की खबर के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार इस डील को पूरी तरह से गुप्त रख रही है। इस डील की शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं, मगर ढाका ने प्रक्रिया को गुप्त रखने के लिए अमेरिका के साथ एक नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) पर साइन किए हैं।
यह भी पढ़ें: 'वर्ल्ड हिजाब डे' पर एक पोस्ट! मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने जोहरान को घेर क्यों लिया?
टैरिफ का चक्कर
बांग्लादेश, अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील ऐसे समय में करने जा रहा है, जब कुछ दिन पहले ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पक्की हुई है। भारत-अमेरिका के बीच हुई डील के मुताबिक, भारतीय इंपोर्ट पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। हालांकि, देश में आम चुनाव से महज तान दिन पहले इस डील को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
टैरिफ में और कटौती चाहता है ढाका
दरअसल, मोहम्मद यूनुस सरकार अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर ड्यूटी को और कम करके 15% करना चाहती है। बांग्लादेश पर अभी अमेरिका 20% टैरिफ लगा रहा है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल 2025 में 37% ड्यूटी की घोषणा की थी, लेकिन अब यह टैरिफ कम कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: पहले EU, अब खाड़ी के देश, भारत की नई ट्रेड डील क्या है, असर क्या होगा?
हालांकि, इन टैरिफ की शर्तों की दरें साफ न होने की वजह से बांग्लादेश के व्यापारी परेशान हैं। इस वजह से बांग्लादेश ।टैरिफ में और कटौती चाहता है।
गारमेंट इंडस्ट्री बांग्लादेश की जान
गारमेंट इंडस्ट्री बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की जान है। 2023 में, इस सेक्टर में देश के एक्सपोर्ट की वैल्यू 38 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी। प्रोथोम एलो ने बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट इनामुल हक खान के हवाले से कहा, 'मैं यह देखकर हैरान था कि चुनाव से ठीक तीन दिन पहले एग्रीमेंट पर साइन किया गया। मुझे अब भी लगता है कि यह चुनाव के बाद किया जाना चाहिए था, क्योंकि इसके बड़े असर होगें।'
बांग्लादेश के घरेलू मार्केट व्यापारियों का भी मानना है कि इस ट्रेड डील पर चुनावों के बाद साइन किया जा सकता था, ताकि इसकी शर्तों और अलग-अलग क्षेत्रों पर इसके असर के बारे में ज्यादा स्पष्टता हो सके।