केंद्र सरकार ने एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) को लेकर शुक्रवार को बड़ी जानकारी दी है। सूचना का अधिकार (RTI) से जानकारी सामने आई है कि देश भर में 30.91 लाख निष्क्रिय EPF खातों में 9,330 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा है। इस रकम को ना तो कोई निकालने वाला है और ना ही दावा करने वाला।
दरअसल, EPF की नई स्कीम, 29 जून 2026 को लागू हुई है। यह नई स्कीम 1952 EPF स्कीम की जगह लेगी। सरकार का कहना है कि नई स्कीम से नियमों में बदलाव करके PF नियमों को आसान बनाना और लगभग आठ करोड़ सक्रिय EPFO खातों के लिए सिस्टम को और ज्यादा डिजिटल बनाना है।
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लाखों खातों में अनक्लेम्ड बैलेंस मौजूद
इंडिया टूडे ने एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के हवाले से बताया है कि 31 मार्च 2026 तक, 30,91,862 निष्क्रिय EPF खाते थे। इन खातों में लगभग 9,330 करोड़ रुपये का अनक्लेम्ड बैलेंस मौजूद था।
इसी आरटीआई में बताया गया है कि पिछले साल निष्क्रिय EPF खातों की संख्या 31.83 लाख थी। इन खातों में बाद में 10,181 करोड़ रुपये जमा थे। मगर, बाद में यह संख्या घटकर 30.91 लाख हो गई और पैसे बगैर दावे के पैसे 851 करोड़ घटकर 9,330 करोड़ हो गए।
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9,330 करोड़ से क्या आ सकता है?
EPF के निष्क्रिय खातों में पड़े यह पैसे इतने ज्यादा है कि इससे केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों का बजट बन सकता है। केंद्र सरकार ने 2016 में UDAN रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम शुरू होने के बाद से 10,169 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसी तरह से केंद्र सरकार ने 2026-27 के आयुष्मान भारत-प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के लिए इसी के लगभग बजट पास किया है।


