कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV को फेफड़े का कैंसर यानी लंग एडेनोकार्सिनोमा हुआ है। इस जानकारी की पुष्टि वेटिकन ने की है। पोप लियो की मंगलवार को सर्जरी हुई थी। यह सर्जरी कुल 90 मिनट तक चली, जिसमें दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाला गया। सर्जरी के बाद पोप लियो होश में आ गए और फिलहाल अस्पताल में आराम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में कैथोलिक चर्च के लगभग 1.4 अरब अनुयायी हैं।

 

पोप लियो की सर्जरी के लिए उन्हें रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। सर्जरी से पहले वह दोपहर 1 बजे से कुछ समय पहले वेटिकन से निकले थे। उस समय उन्हें एक काली कार में जाते हुए देखा गया। उनका काफिला वेटिकन से उत्तर की ओर लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित जेमेली अस्पताल पहुंचा। वहां पहुंचने के बाद पोप लियो ने कई अधिकारियों से हाथ मिलाया। उन्हें देखने के लिए कई लोग अस्पताल के बाहर मौजूद थे। वेटिकन के अनुसार, पोप लगभग एक सप्ताह तक अस्पताल में रहेंगे। इस वजह से 20 अक्टूबर तक उनके सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

 

यह भी पढ़ें: नाइजीरिया के वायुसेना प्लेन क्रैश में 32 लोगों की गई जान, राष्ट्रीय शोक का एलान

लियो कब बने थे पोप?

साल 2025 में दुनिया भर के कार्डिनलों ने लियो को पोप चुना था। पोप बनने से पहले लियो का नाम रॉबर्ट प्रीवोस्ट था। पोप लियो का जन्म 1955 में अमेरिका के शिकागो में हुआ था। उन्होंने कई साल तक बिशप और मिशनरी के रूप में काम किया था।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोप लियो ने कभी धूम्रपान नहीं किया। पोप लियो से पहले फ्रांसिस कैथोलिक चर्च के पोप थे, जिनका 88 साल की उम्र में निधन हो गया था। फिलहाल, लाखों लोग पोप लियो की सेहत को लेकर चिंतित हैं। जानकारी के लिए बता दें कि पोप लियो को 6 से 11 नवंबर तक अर्जेंटीना, पेरू और उरुग्वे की 11 दिवसीय यात्रा पर जाना था। हालांकि, सेहत की वजह से वह इस यात्रा में शामिल होंगे या नहीं, इसके बारे में आगे जानकारी मिलगी।

 

यह भी पढ़ें: FBI डायरेक्टर काश पटेल ने कर ली सगाई, कौन हैं उनकी मंगेतर एलेक्सिस विल्किंस?

क्या है लंग एडेनोकार्सिनोमा?

एडेनोकार्सिनोमा एक तरह का कैंसर है, जो ग्रंथियों जैसी कोशिकाओं से शुरू होता है। फेफड़ों में यह कैंसर फेफड़े की अंदरूनी परत में मौजूद विशेष कोशिकाओं से विकसित हो सकता है। इस प्रकार का कैंसर शरीर के दूसरे अंगों, जैसे स्तन और पेट में भी हो सकता है, हालांकि वहां इसकी विशेषताएं अलग होती हैं।

 

फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी शामिल हो सकती है। खांसी के साथ बलगम आ सकता है और कभी-कभी उसमें खून भी दिखाई दे सकता है। इसके अलावा, व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और सांस लेते समय घरघराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।