ईरान ने सोमवार को दुबई पोर्ट के पास तेल से भरे कुवैत के एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। ईरान के इस हमले में कुवैती टैंकर नष्ट हो गया। इसकी जानकारी खुद कुवैत के पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने एक बयान जारी करके दी है। इसमें कहा गया है कि ईरान ने दुबई के पोर्ट के पास एंकरेज एरिया में पूरी तरह से भरे कुवैती तेल टैंकर पर हमला कर दिया। इस हमले में जहाज में आग लग गई। इसके अलावा ईरान ने दुबई पर भी मिसाइल हमले किए हैं।

 

जानकारी दी गई है कि अल-सलमी नाम के जहाज पर देर रात हमला हुआ। हालांकि, क्रू सदस्यों में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। कुवैत ने इमरजेंसी और फायर सर्विस टीमों को मौके पर तैनात कर दिया, जिन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों ने घटना के बाद आसपास के पानी में तेल रिसाव की संभावना की भी चेतावनी दी है।

 

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दुबई में मिसाइल हमले

ईरान ने दुबई में मिसाइल हमले किए। एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन इससे गिरे मलबे से प्रभावित एरिया में आग लग गई। इस हमले में चार लोग घायल हो गए। बयान में आगे कहा गया कि पास में मौजूद चार लोगों को मामूली चोटें आईं। दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक, अल बदा इलाके में एक खाली घर में आग लग गई। मिसाइल का मलबा घर पर आकर गिरा था। 

 

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद क्षेत्र की ओर लॉन्च की गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया।

ट्रंप की धमकी के बाद हमला

ईरान ने कुवैत आर सऊदी अरब पर यह ताजा हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोमवार को दी गई धमकी के बाद किया है, जिसमें उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए कहा था कि अगर कोई डील नहीं हुई, तो ईरान के खार्ग आइलैंड को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

 

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ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, 'अगर किसी वजह से जल्द ही कोई डील नहीं होती है, जो शायद हो जाएगी और अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत व्यापार के लिए खुला नहीं होता है, तो हम ईरान में इलेक्ट्रिक जनरेटिंग प्लांट्स, तेल के कुओं और खार्ग आइलैंड को उड़ाकर और पूरी तरह से खत्म कर देंगे, जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक छुआ नहीं है।'

युद्ध में कूदे हूथी विद्रोही

बता दें कि इस खतरनाक युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई को खतरे में डाल दिया है। इससे दुनियाभर में फर्टिलाइजर की कमी हो गई है और हवाई यात्रा पर असर पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के कंट्रोल ने बाजारों को अस्थिर कर दिया है और कीमतें बढ़ा दी हैं। अब इस युद्ध में ईरान की तरफ से हूथी विद्रोही भी शामिल हो गए हैं। हूथियों ने कहा है कि वह लाल सागर के पास बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में जहाजों पर हमले फिर से शुरू करेंगे।