logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'पावर प्लांट, तेल के कुओं और खार्ग द्वीप पर करेंगे हमला', ट्रंप ने दी बड़ी धमकी

बातचीत की आड़ में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी दबाव के आगे तेहरान झुक नहीं रहा है। अब ट्रंप ने उसके रणनीतिक तौर पर अहम खार्ग द्वीप पर हमले की धमकी दी है।

Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo Credit: PTI)

शेयर करें

google_follow_us

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को बड़ी तबाही की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो अमेरिका की सेना खार्ग द्वीप, पावर प्लांट और तेल के कुओं को निशाना बनाएगी। सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने अपनी सैनिकों की मौत का बदला लेने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान के इन ठिकानों को अमेरिका ने जानबूझकर निशाना नहीं बनाया है।

 

अपने ट्रथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, अमेरिका ईरान में सैन्य अभियानों को खत्म करने की खातिर नए और अधिक समझदार शासन के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है। इसमें काफी प्रगति हुई है। अगर किसी भी कारण से जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है, हालांकि इसकी पूरी संभावना है कि समझौता हो जाएगा।'

 

यह भी पढ़ें: ईरान के यूरेनियम पर है डोनाल्ड ट्रंप की नजर, समझिए क्या है प्लान

 

ट्रंप ने आगे कहा, 'अगर होर्मुज की खाड़ी तुरंत व्यापार के लिए नहीं खुलती है तो हम ईरान में अपने इस सुहाने प्रवास का समापन उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल के कुओं और खारग द्वीप (संभवतः सभी विलवणीकरण संयंत्रों!) को बम से उड़ाकर और पूरी तरह से तबाह करके करेंगे।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि अभी तक इन्हें जानबूझकर हाथ नहीं लगाया गया था। उन्होंने कहा कि यह हमारे उन अनेक सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पुराने शासन के 47 वर्षों के आतंक के राज में बेरहमी से मारा गया है।'

 

यह भी पढ़ें: न्यूजीलैंड में ड्रग सरगना निकला इंदिरा गांधी के हत्यारे का भतीजा, 22 साल की सजा

 

कहां पर स्थित है खार्ग द्वीप?

खार्ग आइलैंड ईरान का सबसे रणनीतिक द्वीप है। यह फारस की खाड़ी में 9 वर्ग मील से भी कम क्षेत्र में फैला है। होर्मुज की खाड़ी से इसकी दूरी करीब 500 किमी और ईरान की मुख्य भूमि से 30 किमी दूर है। ईरान का 90 फीसद तेल खार्ग द्वीप से ही निर्यात किया जाता है। अमेरिका की रणनीति है कि अगर इस द्वीप पर हमला किया गया तो ईरान को होर्मुज की खाड़ी खोलने के लिए मजबूर किया जा सकता है। 

 

 

जमीनी हमले की तैयारी में अमेरिका

अमेरिका मध्य पूर्व में करीब 10 हजार जवानों की तैनाती कर रहा है। 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 1000 पैराट्रूपर्स और हजारों मरीन सैनिकों को मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। यह सभी सैनिक यूएसएस त्रिपोली जहाज पर सवार हैं। अगर ईरान के साथ मौजूदा बातचीत बेपटरी होती है तो ट्रंप प्रशासन ईरान पर जमीनी हमले का आदेश दे सकता है। 


और पढ़ें