ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम शुरू हो गया है। मौत के करीब 4 महीने बाद अब उनकी लाश को कब्र नसीब होगी। अली खामेनेई की लाश ईरान की राजधानी तेहरान के 'ग्रैंड मोसल्ला' में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने का कार्यक्रम है।
तेहरान में लोग काले कपड़े पहनकर ग्रैंड मोसल्ला की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। सड़कों पर लाखों का हुजूम है। हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर लोग आगे बढ़ रहे हैं और रो रहे हैं। सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही के लिए बिलकुल भी जगह नहीं नजर आ रही है।
पूरा तेहरान शहर में बड़े-बड़े बोर्ड पर खामेनेई की तस्वीरें नजर आ रही हैं। बाहर मौजूद पुरुषों की भीड़ लयबद्ध तरीके से अपनी छाती पीटकर शोक जता रही थी। शिया समुदाय के अंतिम संस्कार में यह एक आम परंपरा है।
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क्या कह रहे हैं लोग?
अपनी मां के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने आईं 27 वर्षीय हनानेह मौसवी ने रोते हुए कहा, 'मैं अपने प्रिय नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने यहां आई हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा। काश, इस त्रासदी से पहले मेरी मौत हो गई होती।'
तेहरान से करीब 530 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज से आए अली काजमी ने कहा, 'हम अंतिम संस्कार में यह दिखाने के लिए शामिल हुए हैं कि हम सभी अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
जहां दफनाए जाएंगे अली खामेनेई, वहां कैसा माहौल है?
ग्रैंड मोसल्ला को उसी तरह तैयार किया गया है, जैसे कभी 'हुसैनिया' को सजाया जाता था, जहां से अली खामेनेई भाषण देते थे। 28 फरवरी को इजरायल और ईरान के संयुक्त हमले में हुसैनिया कैंपस तबाह हो गया, वहीं आयतुल्ला अली खामेनेई, उनकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारी और परिवार के कुछ लोग खत्म हो गए थे।
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खामेनेई के अंतिम संस्कार में कितने लोग जुटे?
ईरान सरकार का आकलन है कि राजधानी की सड़कों पर लाखों लोग उतरेंगे। यह नजारा 1989 में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रूहुल्ला खुमैनी के अंतिम संस्कार जैसा हो सकता है।
कहां-कहां से गुजरेगी खामेनेई की लाश?
अली खामेनेई की लाश ईरान और पड़ोसी देश इराक के अलग-अलग शहरों से होकर गुजरेगी। अधिकारियों ने शोक कार्यक्रमों के लिए तेहरान में सड़कों और हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है।
मोजतबा खामेनेई शामिल होंगे?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, 28 फरवरी के बाद से ही कभी नजर नहीं आए हैं। 28 फरवरी के हमले में उन्हें भी गंभीर चोटें आईं थीं। उनके पिता अली खामेनेई 1989 में रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे और उस समय वह रोते हुए नजर आए थे। अली खामेनेई ने दशकों तक ईरान का सख्ती से नेतृत्व किया और पश्चिमी देशों की आंखों में किरकिरी बने रहे।
क्या अमेरिका हमला करेगा?
इजराइल ने मोजतबा खामेनेई को मारने की कई बार धमकी दी है, जिसके बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने बृहस्पतिवार को चेतावनी जारी की है। सैन्य कमान ने इजराइल और अमेरिका से कहा कि वे आने वाले दिनों में कोई गलत कदम न उठाएं, अगर उठाएंगे तो वैसा ही जवाब मिलेगा।
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ईरान के लिए खास क्यों है यह हुजूम
ईरान में 28 फरवरी के बाद से ही हालात बेहद खराब हैं। कई बड़े अधिकारी मारे जा चुके हैं, ईरान ने अली खामेनेई को खो दिया है। सैन्य प्रतिष्ठानों से गैस-तेल के कुओं तक, सबको नुकसान पहुंचा है। अब ईरान सरकार पर जनता का मनोबल बढ़ाने का दबाव है। यह भीड़, सरकार और आम लोगों का मनोबल बढ़ा रही है। ईरान, अपनी जनता के साथ होने की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने रुख पर अड़ियल रह सकता है।
अंतिम संस्कार पर मंडरा रहा हमले का खतरा?
डोनाल्ड ट्रंप , राष्ट्रपति, अमेरिका:-
हमने ईरान को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। वे समझौता करने के लिए बेहद बेचैन हैं। हमने अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक सप्ताह की मोहलत दी है।
ईरान के रक्षा मंत्री जनरल सैयद माजिद इब्न-ए-रजा और विदेश मंत्री विदेश मंत्री अब्बास अराघची दोनों ने यह शंका जताई है कि इजरायल दोबारा हमला कर सकता है। ईरान ने अंतिम संस्कार कार्यक्रम शुरू करने के लिए चार जुलाई का दिन चुना है। अमेरिका, अपनी स्थापना का 250वां जन्मदिन मना रहा है। अमेरिका और इजरायल मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे हैं।
इजरायल भी हमला कर सकता है, वहीं अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने भी डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को इशारा किया है कि ईरान पर हमले का यही सही वक्त है।
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अंतिम संस्कार में कौन-कौन से देश और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं?
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की है।
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- ताजिकिस्तान: राष्ट्रपति इमोमाली रहमान
- आर्मेनिया: प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान
- जॉर्जिया: राष्ट्रपति मिखाइल कावेलाश्विली
- तुर्किये: उपराष्ट्रपति जेवदेत यिल्माज
- चीन: नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के वाइस प्रेसीडेंट हे वेई
- रूस: सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव
- भारत: बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर पबित्रा मार्गरिटा
- अफगानिस्तान: तालिबान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी और उप प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर
- बांग्लादेश: स्पीकर हाफिज उद्दिन अहमद
किस दिन क्या होगा?
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 3 जुलाई से शुरू हो रहा है। 3 जुलाई को तेहरान में अंतरराष्ट्रीय श्रद्धांजलि समारोह होगा, जिसमें विदेशी प्रतिनिधि सुबह 8 बजे से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 4-5 जुलाई को ग्रैंड मोसल्ला में जनाजे की नमाज और शोक समारोह चलेगा।
6 जुलाई को तेहरान और 7 जुलाई को कुम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। 9 जुलाई को मशहद में इमाम रजा के रौजे में उन्हें दफन किया जाएगा।8 जुलाई को उनके शव को इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां सुबह नजफ और शाम को कर्बला में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
इराक क्यों जाएगी खामेनेई की लाश?
यह कार्यक्रम इराकी कबायली नेताओं, धर्मगुरुओं और राजनीतिक हस्तियों के अनुरोध पर हो रहा है। नजफ और कर्बला शिया इस्लाम के प्रमुख केंद्र हैं। ईरान कोशिश कर रहा है कि पश्चिम एशिया के इस्लामिक देशों पर ईरान के प्रभाव को दुनिया देखे। इराक और ईरान का मजबूत संबध भी रहा है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सबंध रहा है।


