ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसद टैरिफ का ऐलान करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई धमकी दी है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ग्रीनलैंड मामले में अमेरिकी प्लान का समर्थन नहीं करने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अगर देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर सहमत नहीं होते हैं तो मैं उन पर टैरिफ लगा सकता हूं, क्योंकि हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है।'

 

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात खुलकर कह रहे हैं। दुनिया इसे वास्तविक धमकी के तौर पर देख रही है। यूरोपीय देश अमेरिका से निपटने की तैयारी में अपने सैनिकों को ग्रीनलैंड में भेजने में जुटे हैं। वहीं डेनमार्क अमेरिकी प्लान का विरोध कर रहा है। 

 

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हाल ही में डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने ट्रंप सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और कहा था कि अमेरिका के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के इरादे में जुटे हैं। हालांकि डेनमार्क ने साफ कर दिया था कि अमेरिका का ग्रीनलैंड पर कब्जा मंजूर नहीं।

ग्रीनलैंड पर कब्जा क्यों चाहते हैं ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका अगर कब्जा नहीं करेगा तो वहां चीन और रूस आ जाएंगे। यह दोनों पश्चिम हितों के लिए खतरा है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड के रेयर अर्थ खजाने पर है। हालांकि पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप कह चुके हैं, हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है, खनिजों के लिए नहीं।' रोचक बात यह है कि ग्रीनलैंड की राजधानी न्यूक अमेरिका के न्यूयॉर्क से करीब 2,900 किमी दूर स्थित है, जबकि डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन वहां से लगभग 3,500 किमी दूर है।

पुराना है ट्रंप का ग्रीनलैंड ख्वाब

ग्रीनलैंड मौजूदा समय में डेनमार्क का स्वायत्त हिस्सा है। उसकी अपनी सरकार है। मगर विदेश और रक्षा जैसे विभाग डेनमार्क देखता है। यह की कुल जनसंख्या करीब 60 हजार के आसपास है। डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही डेनमार्क पर कब्जा करने की नीयत रखते थे। उन्होंने 2017 से 2021 तक डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने की बात की। मगर डेनमार्क राजी नहीं हुआ। इसके बाद 2019 में ट्रंप ने डेनमार्क की अपनी यात्रा भी रद्द कर दी थी।

 

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सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा अमेरिका

अमेरिका किसी भी हाल में ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहता है। वह कूटनीति के अलावा सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने अपने संयुक्त बयान में कहा, 'आप किसी दूसरे देश पर कब्जा नहीं कर सकते, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर भी नहीं। ग्रीनलैंड ग्रीनलैंडवासियों का है और अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं कर सकता।'