ईरान पर नए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब दो टूक कह दिया है कि उनके लिए सीजफायर खत्म हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं लेकिन उन्हें लगता है कि ये सब समय की बर्बाद है। होर्मुज स्ट्रेट में कुछ जहाजों पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमला कर दिया। इसी हमले के बाद जब डोनाल्ड ट्रंप से बुधवार को सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार कैंसर की तरह है और इन लोगों को पहले ही काट देना चाहिए था। डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों तुर्किए के अंकारा में आयोजित NATO सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।

 

हाल ही में हुए हमलों का जिक्र करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर की अंतिम संस्कार पर ध्यान देने के बजाय जहाजों पर मिसाइल दाग दी। ट्रंप ने कहा कि इसीलिए अमेरिका ने 20 गुना भारी हमला किया। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दोहराया है कि ईरान के पास परमाणु बम नहीं हो सकता है।

 

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क्या-क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

ईरान के बारे में पूछे गए सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'यह बहुत रोचक सवाल है। मेरे लिए तो यह (सीजफायर) खत्म हो गया है। मैं उन लोगों के साथ डील नहीं करना चाहता। ये गंदे और बीमार लोग हैं। उनकी अगुवाई बीमार लोग करते हैं। उनके पास परमाणु हथियार है। मैं अपने नेगोशिएटर्स से बात करूंगा, वे बात करना चाहते हैं। वे अच्छे लोग हैं लेकिन उन्हें मेरे पास ही वापस आना होगा। हमने डील की थी, सब राजी हुए थे कि कोई परमाणु बम नहीं होगा लेकिन उन लोगों के साथ कोई तो गड़बड़ है।'

 

बातचीत की संभावना के बारे में ट्रंप ने कहा, 'वे बात कर सकते हैं लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। मैंने जीवन भर डील ही की है, डील करके ही मैं राष्ट्रपति बना हूं लेकिन ये लोग झूठे हैं। इन लोगों ने अपने लोगों की जान ली है। एक तरफ कोई बंदूक नहीं है और दूसरी तरफ मशीनगन का इस्तेमाल हो रहा है। मैं इन लोगों को पसंद ही नहीं करता हूं।' ईरान को कैंसर बताते हुए ट्रंप ने कहा, 'ये दुष्ट और बीमार लोग हैं। हमें इस कैंसर से निजात पानी होगी। हमें इन्हें जल्द से जल्द काट फेंकना होगा।'

 

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तुर्की के अंकारा में आयोजित दो दिन के नाटो सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने ये सारी बातें नाटो के जनरल सेक्रेटरी मार्क रूट के साथ बैठकर कहीं। ईरान पर किए गए ताजा हमले के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों पर हुए हमले के जवाब में ये हमले किए गए। बता दें कि ईरान पर हमले के बाद अमेरिका ने वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाला ईरान का लाइसेंस भी कैंसल कर दिया। इसी के बाद ईरान ने भी बहरीन और कुवैत पर हमले किए।

 

इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हमला किया था। अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह हर जरूरी कदम उठाएगा। ईरान पर हमले के बाद बहरीन और कुवैत ने बुधवार सुबह उन पर मिसाइल हमले होने के संबंध में अलर्ट जारी किए। बहरीन जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का ठिकाना है, वहीं कुवैत में अमेरिकी थलसेना मौजूद है। जहाजों पर हमले और उसके बाद ईरान पर अमेरिकी हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जारी हैं। खामेनेई 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए थे। अंतिम संस्कार कार्यक्रम बृहस्पतिवार को समाप्त होंगे।


बता दें कि लंबी बातचीत के बाद ईरान और अमेरिका अंतरिम समझौते के तहत 60 दिन तक जहाजों को बिना शुल्क दिए गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हुए थे लेकिन ईरान ने जोर दिया था कि जहाजों के मार्गों पर उसका नियंत्रण होना चाहिए और बाद में मार्ग से गुजरने के लिए शुल्क वसूला जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो इस जलमार्ग में दशकों से जारी व्यवस्था बदल जाएगी। अमेरिका और खाड़ी के कई अरब देशों का कहना है कि वे स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान की ओर से फीस वसूले जाने पर सहमत नहीं होंगे।